चमोली (उत्तराखंड), 19 जनवरी 2026। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम ने करवट ले ली है। शनिवार दोपहर बाद से चमोली जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब क्षेत्र में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि निचले इलाकों में अब भी बारिश का इंतजार बना हुआ है।
बर्फबारी के चलते बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की चोटियों पर सफेद चादर बिछ गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शीतलहर का असर बढ़ गया है और तापमान तेजी से गिरा है।
बदरीनाथ–हेमकुंड क्षेत्र में बढ़ी ठंड, तापमान शून्य से नीचे
मौसम विभाग के अनुसार बदरीनाथ क्षेत्र में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है, जबकि हेमकुंड साहिब जैसे ऊंचे इलाकों में न्यूनतम तापमान -5 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है।
बर्फबारी के कारण यात्रा मार्गों पर बर्फ जमने की आशंका बढ़ गई है, हालांकि फिलहाल मुख्य सड़कों पर यातायात सामान्य बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
औली में माइनस 2 डिग्री, जमे नदी-नाले
पर्यटन नगरी औली में ठंड का असर और ज्यादा देखने को मिला। यहां तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। नदी-नाले और छोटे जल स्रोत जमने लगे हैं, जिससे पानी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है।
स्कीइंग रिजॉर्ट औली में पहले से जमी बर्फ पर नई बर्फबारी से स्कीइंग और स्नो एक्टिविटीज के लिए शानदार माहौल बन गया है। हालांकि प्रशासन ने पर्यटकों को भारी गर्म कपड़े पहनने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, कई जिलों में बर्फबारी की संभावना
IMD के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से—
- चमोली
- रुद्रप्रयाग
- उत्तरकाशी
- पिथौरागढ़
जैसे जिलों के 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है।
निचले इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कोहरा छाया रहेगा, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है।
यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि—
- यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें
- गर्म कपड़े, दवाइयां और ट्रैक्शन वाले जूते साथ रखें
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें
बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पर्यटन और कृषि को मिलेगी राहत
जनवरी को उत्तराखंड में बर्फबारी का पीक सीजन माना जाता है, लेकिन इस साल शुरुआत में सूखी ठंड रही थी। अब बर्फबारी से पर्यटन और कृषि दोनों क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अत्यधिक ठंड से स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बेहद जरूरी हैं।








