नंदा देवी राजजात यात्रा की परंपरागत स्थली कांसुवा में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा
विश्वविख्यात नंदा देवी राजजात यात्रा–2026 की तैयारियों को लेकर 23 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने कांसुवा गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। कांसुवा, जिसे ‘राजकुंवरों का गाँव’ भी कहा जाता है, इस पवित्र यात्रा का एक बेहद महत्वपूर्ण और पारंपरिक पड़ाव है, जहाँ राजसी परंपराओं के साथ यात्रा का स्वागत किया जाता है।
कांसुवा: राजजात का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र
कांसुवा गांव ‘चौसिंग्या खाडू’ और ‘राज छंतौलियों’ की पूजा का प्रमुख स्थल है। यहां नंदा देवी, भराड़ी देवी और कैलापीर देवता के मंदिरों में विधिवत पूजा के बाद ही यात्रा को आगे बढ़ाया जाता है, जो इस स्थल के धार्मिक महत्व को दर्शाता है।
व्यवस्थाओं और पिछली कठिनाइयों पर हुई विस्तृत चर्चा
एसपी चमोली ने कुंवर परिवार और राजजात समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर पिछली यात्रा के दौरान आई समस्याओं पर मंथन किया।
मुख्य बिंदु रहे:
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ प्रबंधन
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संकरे मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था
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चिकित्सा व आपूर्ति सेवाओं की उपलब्धता
उन्होंने 2026 की यात्रा को त्रुटिहीन, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मजबूत कार्ययोजना पर जोर देते हुए पूर्ण पुलिस सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक बाधाओं पर भी विचार
बैठक में यह भी सामने आया कि कांसुवा क्षेत्र में लेखपालों के कार्यबहिष्कार से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इस पर एसपी चमोली ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर निरीक्षक गैरसैंण को यहां तैनात किया जाएगा ताकि यात्रा में किसी प्रकार की बाधा न आए।

ग्रामीणों से संवाद और धार्मिक सहभागिता
निरीक्षण के अंत में एसपी चमोली ने ग्रामीणों के साथ भागवत कथा में सहभागिता कर सामुदायिक समरसता का संदेश दिया। इस दौरान कई गणमान्य व्यक्ति और राजजात समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।











