उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सत्रों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक (एसपी) चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने हाल ही में गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया।
यह निरीक्षण आगामी सत्रों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पुलिस तैनाती और आवासीय सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा
एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने विधानसभा प्रभारी शेखर पंत के साथ मिलकर पूरे परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने:
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निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता की जांच,
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कार्यों की प्रगति रिपोर्ट,
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और डेडलाइन के पालन की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से स्पष्ट कहा कि:
“विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाएं सर्वोपरि होती हैं, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पुलिस कर्मियों के आवास पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस कर्मियों के आवासीय परिसरों और नए निर्माण कार्यों का भी भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने कहा कि:
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जो पुलिसकर्मी दिन-रात ड्यूटी पर तैनात रहते हैं,
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और विधानसभा सत्रों के दौरान अथक परिश्रम करते हैं,
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उनके लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
एसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“पुलिसकर्मियों का मनोबल मजबूत होगा, तभी सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।”
गुणवत्ता में समझौते पर सख्त चेतावनी
कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करते हुए एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने:
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घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग पर रोक,
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मानकों के अनुसार निर्माण,
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और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर पुलिसिंग की नींव है।
मौके पर मौजूद रहे ये अधिकारी
निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
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प्रतिसार निरीक्षक आनंद रावत
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वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुमित खुगशाल
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उपनिरीक्षक (अभिसूचना) अनूप ढौढियाल
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तथा अन्य पुलिस अधिकारी
इन सभी की मौजूदगी से समन्वय और निगरानी व्यवस्था और मजबूत हुई।
भराड़ीसैंण – सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र
भराड़ीसैंण, जो उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भी है, विधानसभा सत्रों के दौरान:
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वीवीआईपी मूवमेंट,
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जनप्रतिनिधियों की आवाजाही,
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मीडिया और प्रशासनिक गतिविधियों
के कारण अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र बन जाता है।
ऐसे में समय रहते तैयारियां सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की प्रो-एक्टिव अप्रोच को दर्शाता है।
उत्तराखंड पुलिस की प्रो-एक्टिव गवर्नेंस का उदाहरण
एसपी सुरजीत सिंह पंवार का यह निरीक्षण उत्तराखंड पुलिस की:
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प्रो-एक्टिव गवर्नेंस,
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टाइमली इम्प्लीमेंटेशन,
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और जीरो लापरवाही नीति
का स्पष्ट उदाहरण है।
यह पहल दिखाती है कि प्रशासन सिर्फ सत्र के समय नहीं, बल्कि पहले से ही ग्राउंड पर तैयारी कर रहा है।
आगामी विधानसभा सत्र के लिए मजबूत आधार
यह निरीक्षण:
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संभावित बजट सत्र,
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या अन्य महत्वपूर्ण सत्रों
के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
उम्मीद है कि एसपी के निर्देशों के अनुसार:
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सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे होंगे,
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सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी,
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और भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र एक मॉडल सत्र के रूप में उभरेगा।
प्रशासनिक सजगता का संदेश
एसपी चमोली का यह दौरा साफ संदेश देता है कि:
उत्तराखंड पुलिस हर स्तर पर सतर्क है और विधानसभा सत्र को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
यह न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी है।








