पत्रकारों की व्यस्त, अनियमित और तनावपूर्ण कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार की ओर से एक सराहनीय पहल की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गुरुवार को हल्द्वानी मीडिया सेंटर में एक दिवसीय विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों तथा उनके परिवारजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
पत्रकारों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
इस स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों की सेहत पर ध्यान देना था, क्योंकि उनकी:
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अनियमित दिनचर्या
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तनावपूर्ण कार्य वातावरण
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लगातार फील्ड ड्यूटी
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लंबी कार्य अवधि
के कारण स्वास्थ्य समस्याएं आम होती जा रही हैं।
मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी सोच के तहत आयोजित इस शिविर में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाएं
शिविर में पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क जांच की व्यवस्था की गई, जिनमें शामिल थीं:
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एक्स-रे जांच
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ईसीजी परीक्षण
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ब्लड प्रेशर जांच
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शुगर टेस्ट
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थायरॉइड जांच
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विभिन्न रक्त परीक्षण
जांच के बाद आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रही मौजूद
शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की:
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हृदय रोग विशेषज्ञ: डॉ. सुधांशु सिंह
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हड्डी रोग विशेषज्ञ: डॉ. पीएस खोलिया
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स्त्री रोग विशेषज्ञ: डॉ. अनीता पवार
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नेत्र रोग विशेषज्ञ: डॉ. विजय
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दंत चिकित्सक: डॉ. दीप्ति
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फिजिशियन: डॉ. आर.एस. कुंवर
100 से अधिक पत्रकार हुए लाभान्वित
इस स्वास्थ्य शिविर में:
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हल्द्वानी
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रामनगर
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लालकुआं
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कालाढूंगी
सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक पत्रकार और उनके परिवारजन लाभान्वित हुए।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे प्रमुख अधिकारी:
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जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. हरीश चंद्र पंत
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संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय
अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
सरकार की संवेदनशील पहल
संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय ने कहा:
“मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऐसे स्वास्थ्य शिविर राज्य के सभी क्षेत्रों में समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। इससे मीडिया कर्मियों और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।”
उन्होंने इसे ‘सबका स्वास्थ्य, सबका विकास’ की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में बड़ा कदम
यह पहल न केवल पत्रकारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता दर्शाती है, बल्कि उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित होने से मीडिया कर्मियों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य दोनों में सुधार होगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस पहल से यह स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार पत्रकारों की भूमिका और उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है।
आने वाले समय में ऐसे शिविरों की निरंतरता से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जागरूकता दोनों मजबूत होंगी।







