टन पत्र वितरण के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में कृषकों को उनके विशिष्ट प्लॉट नंबर सहित आवंटन पत्र सौंपे गए।
2004 में खरीदी गई थी 800 एकड़ भूमि
गौरतलब है कि वर्ष 2004 में मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के तहत जीडीए ने लगभग 800 एकड़ भूमि कृषकों से खरीदी थी। उस समय प्राधिकरण ने यह वादा किया था कि बदले में कृषकों को 6/4 प्रतिशत विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
नवंबर 2025 में हुई थी लॉटरी
इस वादे को पूरा करते हुए 27 और 28 नवंबर 2025 को हिंदी भवन में लॉटरी प्रणाली के माध्यम से कुल 762 भूखंडों का आवंटन किया गया था।
आज आयोजित शिविर में इन्हीं भूखंडों के आवंटन पत्र औपचारिक रूप से वितरित किए गए।
मौके पर ही समस्याओं का समाधान
शिविर के दौरान जीडीए अधिकारियों ने:
-
कृषकों की समस्याएं सुनीं
-
दस्तावेजों की जांच की
-
और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया
जिससे कृषकों को बड़ी राहत मिली।
उपाध्यक्ष का बयान: “कृषकों के हित सर्वोपरि”
जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा,
“प्राधिकरण कृषकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मधुबन-बापूधाम योजना में किए गए सभी वायदे चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि जो कृषक किसी कारणवश आज अपना आवंटन पत्र नहीं ले सके, वे कार्यदिवसों में जीडीए कार्यालय आकर अपना पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की अपील
प्राधिकरण ने कृषकों से अपील की है कि:
-
भूखंड आरक्षण पत्र की प्रति
-
और पहचान पत्र की प्रति
साथ लेकर आएं, ताकि प्रक्रिया सुचारू और त्वरित रूप से पूरी की जा सके।
कृषकों में खुशी की लहर
इस शिविर के बाद कृषकों में खुशी और संतोष देखा गया।
कई कृषकों ने कहा कि वर्षों बाद वादा पूरा होने से उन्हें न्याय मिला है।
जीडीए की कृषक-हितैषी पहल
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल:
-
जीडीए की कृषक-हितैषी नीतियों को दर्शाती है
-
और भविष्य में विकास योजनाओं के प्रति विश्वास को मजबूत करती है
विकास योजनाओं को मिलेगी गति
मधुबन-बापूधाम क्षेत्र में विकसित भूखंड मिलने से:
-
आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा
-
क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा
-
और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी










