उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में इच्छाड़ी डैम पोकलैंड हादसा उस समय बड़ा संकट बन गया, जब टोंस नदी में अचानक तेज बहाव आने से एक पोकलैंड मशीन अपने ऑपरेटर समेत नदी के बीचों-बीच फंस गई। कुछ ही पलों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अचानक छोड़े गए पानी ने पोकलैंड को बीच नदी में घेर लिया
UJVNL विभाग के लिए इच्छाड़ी डैम की डाउन स्ट्रीम साइट पर पोकलैंड मशीन काम कर रही थी।
इसी दौरान, डैम में ऑवरफ्लो स्थिति को देखते हुए अचानक पानी छोड़ दिया गया।
कुछ ही सेकंड में:
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नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ गया
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बहाव अत्यधिक तेज हो गया
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पोकलैंड मशीन चारों ओर से पानी में घिर गई
ऑपरेटर मशीन के केबिन में फंस गया और बाहर निकलने की कोई सुरक्षित राह नहीं थी।
तेज बहाव से बढ़ा खतरा, मजदूरों और कर्मियों ने दिखाई सूझबूझ
प्रचंड जल वेग के बीच घिरी मशीन को देखकर मौके पर मौजूद मजदूर और UJVNL के कर्मचारी सक्रिय हो गए।
उन्होंने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मजदूरों ने:
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एक लंबी फ्लेक्सिबल पाइप लाई
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उसे नदी में ऑपरेटर की ओर फेंका
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पाइप को सहारा बनाकर ऑपरेटर को बाहर निकलने का रास्ता दिया
काफी संघर्ष के बाद ऑपरेटर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
ऑपरेटर के बचते ही लोगों ने ली राहत की सांस
रेस्क्यू टीम द्वारा ऑपरेटर को बाहर निकालते ही सभी ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों ने मजदूरों और कर्मियों की सूझबूझ की सराहना की।
बताया जा रहा है कि यह घटना कुछ दिन पहले की है, लेकिन इसका वीडियो और जानकारी अब तेजी से फैल रही है।
निष्कर्ष
इच्छाड़ी डैम पोकलैंड हादसा यह दिखाता है कि अचानक पानी छोड़ने की प्रक्रिया बिना सूचना कितनी खतरनाक हो सकती है।
गनीमत यह रही कि रेस्क्यू टीम की तेजी और समझदारी से ऑपरेटर की जान बचा ली गई, वरना हादसा भयावह हो सकता था।










