अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख आर्थिक नीति को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि राष्ट्रपति इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत टैरिफ लगाने के अधिकार नहीं रखते।
20 फरवरी 2026 को आए 6-3 बहुमत वाले इस फैसले ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए अधिकांश ग्लोबल आयात शुल्कों को अवैध घोषित कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
मुख्य न्यायाधीश जॉन जी. रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि:
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IEEPA राष्ट्रपति को विदेशी संपत्ति नियंत्रित करने की शक्ति देता है
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लेकिन टैरिफ लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है
इस फैसले से ट्रंप की “रिसिप्रोकल टैरिफ” नीति को बड़ा झटका लगा, जिसके तहत कई देशों पर 10% से 50% तक शुल्क लगाए गए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय के बाद अमेरिकी आयातकों को अरबों डॉलर के संभावित रिफंड मिल सकते हैं।
ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया और नया फैसला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने फैसले के खिलाफ वोट देने वाले न्यायाधीशों—एमी कोनी बैरेट और नील गॉर्सच—की आलोचना भी की।
इसके तुरंत बाद:
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ट्रेड एक्ट 1974 की सेक्शन 122 के तहत नया आदेश जारी
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सभी आयातों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू
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24 फरवरी 2026 से प्रभावी
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अवधि: 150 दिन (जब तक कांग्रेस विस्तार न करे)
भारत सहित व्यापारिक साझेदारों पर असर
व्हाइट हाउस अधिकारियों के अनुसार:
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भारत सहित सभी व्यापारिक साझेदारों पर नया 10% शुल्क लागू होगा
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पुराने टैरिफ समझौते अप्रभावी हो जाएंगे
हाल ही में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में:
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पहले 25% टैरिफ घटाकर 18% किया गया था
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अब नए आदेश के तहत केवल 10% टैरिफ लागू रहेगा
कुछ उत्पादों को छूट दी गई है, जैसे:
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महत्वपूर्ण खनिज
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दवाएं
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खाद्य वस्तुएं
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CUSMA के तहत कनाडा-मैक्सिको आयात
वैश्विक प्रभाव और बाजार की प्रतिक्रिया
इस फैसले और नए टैरिफ के कारण:
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वैश्विक व्यापार बाजार में अनिश्चितता बढ़ी
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कई देशों ने सतर्क प्रतिक्रिया दी
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संभावित व्यापार युद्ध की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे:
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वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है
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अमेरिकी उपभोक्ताओं पर कीमतों का बोझ बढ़ सकता है
आगे क्या होगा?
ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 301 के तहत नई जांच शुरू करने का संकेत दिया है, जिससे भविष्य में और टैरिफ लागू हो सकते हैं।
यह घटनाक्रम तय करेगा कि:
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क्या ट्रंप कोर्ट की सीमाओं के बावजूद टैरिफ नीति जारी रख पाएंगे
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या कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण बदलाव करना पड़ेगा







