मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे पवित्र और आध्यात्मिक महीना रमजान आज से शुरू हो गया है। बुधवार शाम चांद नजर आने के बाद गुरुवार, 19 फरवरी से पहला रोजा रखा जा रहा है।
गाजियाबाद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में मस्जिदों में रमजान को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को पहली जुम्मे की नमाज़ बड़ी संख्या में नमाजियों के साथ अदा की जाएगी, जिसे रमजान की शुरुआत में विशेष महत्व माना जाता है।
रोजा, इबादत और नेकी का महीना
रमजान इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। इस दौरान मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं — सुबह सेहरी और शाम इफ्तार के साथ।
यह महीना सिर्फ भूख-प्यास सहने का नहीं, बल्कि:
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आत्म-संयम
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इबादत और कुरान तिलावत
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तरावीह नमाज़
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दान और नेक कार्य
का समय माना जाता है।
मस्जिदों में विशेष तैयारियां
गाजियाबाद की प्रमुख मस्जिदों में रमजान को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं।
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शाहबेरी मस्जिद
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नवाबपुर मस्जिद
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लोनी जामा मस्जिद
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इंदिरापुरम और वसुंधरा क्षेत्र की मस्जिदें
यहां तरावीह नमाज़ शुरू हो चुकी है और कई जगह इफ्तार व लंगर की व्यवस्था भी की जा रही है।
पहली जुम्मे की नमाज़ का खास महत्व
स्थानीय इमामों के अनुसार, शुक्रवार की नमाज़ में खुत्बा रमजान की फजीलत, रोजे के महत्व और समाज में सद्भावना पर केंद्रित रहेगा।
मुस्लिम समुदाय ने सभी से शांति, भाईचारा और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
प्रशासन ने किए सुरक्षा इंतजाम
रमजान के दौरान भीड़भाड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है।
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मस्जिदों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल
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ट्रैफिक और पार्किंग की विशेष योजना
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जुम्मे के दिन निगरानी बढ़ाई जाएगी
सेहरी और इफ्तार का समय
गाजियाबाद में औसतन:
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सेहरी: सुबह 5:30–5:40 बजे
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इफ्तार: शाम करीब 6:15 बजे
रोजों की संख्या 29 या 30 चांद दिखने पर निर्भर करेगी।
शांति और सद्भाव का संदेश
रमजान आत्मिक शुद्धि, संयम और इंसानियत का महीना माना जाता है। समुदाय ने सभी से अपील की है कि इस दौरान आपसी सम्मान और सौहार्द बनाए रखें।






