डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमलों को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसकी जिम्मेदारी अपने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ पर डाल दी है।
इस बयान के बाद वॉशिंगटन की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
क्या कहा ट्रंप ने
टेनेसी के मेम्फिस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमले की पहल सबसे पहले पीट हेगसेथ ने की थी।
उन्होंने बताया कि हेगसेथ ने कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कार्रवाई जरूरी है।
पीट हेगसेथ की भूमिका
पीट हेगसेथ को इस पूरे अभियान का आक्रामक समर्थक माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया और इसे लंबे समय से चल रहे खतरे को खत्म करने का अवसर बताया।
युद्ध और वैश्विक असर
ईरान के साथ संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।
इसमें अमेरिका और इजरायल की संयुक्त भूमिका सामने आ रही है।
ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने की धमकियों के कारण वैश्विक तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
अमेरिका के अंदर बढ़ता दबाव
अमेरिका में इस युद्ध को लेकर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान युद्ध की जिम्मेदारी को अपने सहयोगियों पर डालने की कोशिश हो सकती है, क्योंकि घरेलू स्तर पर युद्ध की लागत और अनिश्चितता पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या है रणनीतिक संकेत
ट्रंप प्रशासन अब ईरान के साथ संभावित बातचीत के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।
हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि यदि कोई समझौता नहीं होता, तो सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
यह बयान अमेरिकी प्रशासन के अंदर संभावित मतभेदों और रणनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।
क्या यह जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है या एक सोची-समझी रणनीति, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।









