अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने विदेश नीति के फैसलों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक 8 युद्ध सुलझाए हैं, जिनमें से कुछ तो शुरू होने ही वाले थे। ट्रंप ने खास तौर पर भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की आशंका का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने समय रहते हालात संभाल लिए और बड़ा टकराव टल गया।
ट्रंप ने खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का सबसे योग्य दावेदार भी बताया।
“मैंने भारत-पाक को परमाणु जंग से बचाया” – ट्रंप
अपने बयान में ट्रंप ने कहा,
“अब तक मैंने 8 युद्ध सुलझाए हैं। उनमें से कुछ बस शुरू होने ही वाले थे, जैसे भारत और पाकिस्तान। वहां पहले ही 8 जेट गिराए जा चुके थे। मैंने इसे बहुत जल्दी खत्म करवा दिया, बिना परमाणु हथियारों के।”
उन्होंने आगे कहा कि
“मुझे इतिहास में मेरे अलावा कोई ऐसा नहीं दिखता जिसे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए।”
पुतिन और पाकिस्तान का भी किया जिक्र
ट्रंप ने दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें फोन कर दो ऐसे युद्धों का जिक्र किया जिन्हें वह 10 साल से रोकना चाहते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अमेरिका आए थे और सार्वजनिक रूप से बोले थे कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान से जुड़े विवाद में एक करोड़ लोगों की जान बचाई।
2019 पुलवामा और बालाकोट की ओर इशारा
ट्रंप का यह बयान साफ तौर पर 2019 के पुलवामा आतंकी हमले और उसके बाद हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव की ओर इशारा करता है।
उस समय दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे और युद्ध की आशंका जताई जा रही थी।
भारत ने पहले खारिज की थी ट्रंप की मध्यस्थता
गौरतलब है कि 2019 में ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था।
भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाए जाएंगे, किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाएगी।
डेमोक्रेट्स ने बताया अतिशयोक्ति, समर्थकों ने सराहा
ट्रंप के इस ताजा बयान पर
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डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इसे अतिशयोक्ति करार दिया है,
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जबकि ट्रंप समर्थक इसे उनकी कूटनीतिक सफलता का सबूत बता रहे हैं।
फिलहाल रूस या पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर पुरानी चाह
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बताया हो। इससे पहले भी वे
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अब्राहम समझौते,
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और मध्य पूर्व शांति प्रयासों
के लिए चर्चा में रह चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला है।
सोशल मीडिया पर वायरल, वैश्विक हलकों में चर्चा
ट्रंप का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में भी इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के ये बयान 2026 के अमेरिकी राजनीतिक माहौल को ध्यान में रखकर दिए गए हैं।
दुनिया की नजरें आगे के घटनाक्रम पर
अब सभी की नजर इस बात पर है कि ट्रंप के इन दावों पर
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भारत,
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पाकिस्तान,
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और रूस
की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।









