गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र में नौकरी के नाम पर बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बेरोजगार युवकों और युवतियों को मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट और निजी कंपनियों में नौकरी व ट्रेनिंग का झांसा देकर फर्जी प्लेसमेंट कंपनियों के माध्यम से करीब 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
पीड़ितों की शिकायत के अनुसार “आरएस हेल्थ केयर मैनेजमेंट मार्केटिंग प्रा. लिमिटेड” और “यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेज प्रा. लिमिटेड” के नाम से फर्जी कंपनियां संचालित की जा रही थीं। आरोपी कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी ऑफर लेटर दिखाकर युवाओं से मोटी रकम वसूलते थे, लेकिन न नौकरी दी गई और न ही पैसे वापस किए गए।
मुख्य पीड़ित आशीष ठाकुर सहित अन्य पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 13 दिसंबर को दो आरोपियों — रितेश शर्मा और अमन — को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं।
थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं।
गाजियाबाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी संस्था या व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यह मामला बेरोजगारी का फायदा उठाकर सक्रिय फर्जी प्लेसमेंट रैकेट की गंभीरता को उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।











