United Nations ने हालिया रिपोर्ट में आतंकी संगठन Al-Qaeda को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।
मॉनिटरिंग टीम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अभियानों के बावजूद यह संगठन न केवल सक्रिय है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में इसकी पहुंच और ताकत दोनों बढ़ी हैं।
सदस्य संख्या में 50 गुना वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार:
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11 सितंबर 2001 हमलों के समय करीब 500 सदस्य
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वर्तमान में लगभग 25,000 सदस्य
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यानी करीब 50 गुना वृद्धि
यह डेटा विभिन्न खुफिया एजेंसियों, जिनमें MI6 भी शामिल है, से एकत्रित जानकारी पर आधारित है।
क्षेत्रीय सहयोगी बना रहे हैं संगठन को मजबूत
अल-कायदा की ताकत मुख्य रूप से उसके सहयोगी संगठनों के कारण बढ़ी है, जैसे:
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Al-Shabaab (सोमालिया)
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JNIM (साहेल क्षेत्र)
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AQAP (यमन)
ये समूह कमजोर सरकारों, आर्थिक संकट और संघर्ष क्षेत्रों का फायदा उठाकर भर्ती बढ़ा रहे हैं।
9/11 हमलों की याद और वर्तमान खतरा
11 सितंबर 2001 को अल-कायदा ने अमेरिका में बड़े आतंकी हमले किए थे:
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World Trade Center पर हमला
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Pentagon को निशाना बनाया गया
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लगभग 3,000 लोगों की मौत
आज संगठन का केंद्रीय नेतृत्व कमजोर है, लेकिन उसकी शाखाएं क्षेत्रीय स्तर पर बेहद सक्रिय हैं।
किन क्षेत्रों में खतरा सबसे ज्यादा
संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार:
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अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने
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अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में बढ़ते हमले
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सीरिया में अस्थिरता का फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती तेजी से बढ़ी है।
वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अल-कायदा अब “पहले से ज्यादा खतरनाक नेटवर्क” बन चुका है।
मुख्य कारण:
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कमजोर राज्यों में अस्थिरता
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डिजिटल प्रचार और ऑनलाइन भर्ती
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कमी
निष्कर्ष
अल-कायदा का पुनरुत्थान वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
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खुफिया जानकारी साझा करना जरूरी
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फंडिंग रोकना आवश्यक
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स्थानीय स्थिरता पर जोर देना होगा
आतंकवाद का खतरा खत्म नहीं हुआ—उसका रूप बदल गया है।







