वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को विशेषज्ञों ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है। बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
PFC-REC पुनर्गठन को माना गया सबसे अहम कदम
बजट में पावर सेक्टर के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसर
पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC)
और
आरईसी लिमिटेड (REC)
के प्रस्तावित पुनर्गठन को एक रणनीतिक और दूरगामी निर्णय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पावर सेक्टर में लंबी अवधि की फाइनेंसिंग, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को गति देगा।
अनिल रावल: दीर्घकालिक वित्तीय इकोसिस्टम की ओर संकेत
इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ अनिल रावल ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“केंद्रीय बजट 2026 भारत के बेहतर भविष्य की स्पष्ट झलक देता है। यह विकसित भारत के विजन के प्रति सरकार की लगातार प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। PFC और REC के पुनर्गठन का प्रस्ताव एक मजबूत, विकास-उन्मुख वित्तीय इकोसिस्टम बनाने की दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाता है।”
पावर सेक्टर को फ्यूचर-रेडी बनाने पर जोर
अनिल रावल ने कहा कि PFC और REC न केवल पावर सेक्टर के प्रमुख ऋणदाता हैं, बल्कि व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी उनकी भूमिका तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत 2047 के लिए पावर सेक्टर को:
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डिजिटल रूप से आधुनिक
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आर्थिक रूप से व्यवहारिक
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और जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप
बनाना अनिवार्य है, जिसे यह बजट स्पष्ट रूप से पहचानता है।
क्लीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को बढ़ावा
बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की NBFCs की क्षमता बढ़ाने और दक्षता सुधारने के लिए PFC-REC पुनर्गठन का प्रस्ताव किया गया है। इससे:
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रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स
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ग्रिड मॉडर्नाइजेशन
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एनर्जी स्टोरेज
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ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर
में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
रिन्यूएबल एनर्जी और CCUS पर मजबूत फोकस
बजट में रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
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MNRE के बजट में लगभग 30% की वृद्धि
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₹20,000 करोड़ का कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) रोडमैप
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न्यूक्लियर एनर्जी मिशन और स्टोरेज-ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
इन पहलों को पावर सेक्टर के लिए क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन का मजबूत आधार माना जा रहा है।
500 GW लक्ष्य और नेट-जीरो की दिशा में तेजी
विशेषज्ञों का कहना है कि PFC-REC पुनर्गठन से न केवल फाइनेंसिंग में स्केल आएगा, बल्कि भारत के 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य और नेट-जीरो प्रतिबद्धताओं की दिशा में भी तेजी आएगी।
यह बजट पावर सेक्टर को आत्मनिर्भर, सस्टेनेबल और फ्यूचर-रेडी बनाने की स्पष्ट रणनीति पेश करता है।







