लखनऊ, 08 दिसंबर 2025। यूपी में नशीली कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी और अवैध बिक्री के खुलासे के बाद योगी सरकार ने जांच को और तेज और व्यापक कर दिया है। सोमवार को प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने बताया कि इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच के लिए शासन ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दी है।
IG-रैंक अधिकारी SIT की अध्यक्षता करेंगे
प्रमुख सचिव गृह के अनुसार —
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SIT की अध्यक्षता IG-रैंक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे
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SIT में FSDA (औषधि एवं खाद्य सुरक्षा विभाग) के भी अनुभवी अधिकारी शामिल हैं
यह संरचना इसलिए की गई है ताकि जांच के तकनीकी, कानूनी और आपराधिक सभी पहलुओं को बारीकी से देखा जा सके।
जांच अब जिला पुलिस या STF नहीं, केवल SIT करेगी
नवगठित SIT को निर्देश दिए गए हैं कि वह—
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पूरे तस्करी नेटवर्क की सप्लाई चेन
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अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
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फर्जी कंपनियाँ
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संलिप्त स्टॉकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर और केमिस्ट
की गहन पड़ताल करे।
अब इस मामले की आगे की जांच जिला पुलिस या STF के बजाय SIT ही संभालेगी।
280 से अधिक ड्रग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि सरकार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है।
औषधि नियंत्रण विभाग ने—
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280+ ड्रग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है
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कई लाइसेंसों का उपयोग “नशीली कफ सिरप की अवैध बिक्री” में किया जा रहा था
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संलिप्त फार्मेसी संचालकों पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है
“किसी भी कार्रवाई में कोई समझौता नहीं”—सरकार का कठोर संदेश
संजय प्रसाद ने कहा:
“इस सिंडिकेट में जो भी शामिल पाया जाएगा—चाहे अधिकारी हो, व्यापारी हो या कोई अन्य—उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने बताया कि SIT से शीघ्र रिपोर्ट मांगी गई है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।
सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिए आक्रामक मोड में
नशीली दवाओं के खिलाफ चल रहे अभियान से स्पष्ट है कि योगी सरकार—
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युवाओं के स्वास्थ्य
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समाजिक सुरक्षा
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और नशा मुक्त उत्तर प्रदेश
के लिए किसी भी स्तर पर समझौता करने के मूड में नहीं है।










