गाजियाबाद। घरेलू रसोई की सबसे अहम जरूरत एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर शहर में एक बार फिर हंगामे की स्थिति बन गई है। बेहरामपुर इलाके में स्थित त्रिवेणी गैस एजेंसी पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता इकट्ठा हो गए, जहां सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में देरी से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
बुकिंग के बावजूद नहीं मिल रहा सिलेंडर
उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन और फोन के जरिए बुकिंग करने के बावजूद कई दिनों से गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है। लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिल रहा।
एजेंसी पर कर्मचारी गायब, बढ़ा आक्रोश
समस्या के समाधान के लिए जब उपभोक्ता त्रिवेणी गैस एजेंसी पहुंचे, तो वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। कर्मचारियों की अनुपस्थिति ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी।
मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और उपभोक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
पहले से चल रही है समस्या
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह कोई नई समस्या नहीं है। हाल के दिनों में गाजियाबाद के कई इलाकों में गैस एजेंसियों पर इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि सर्वर डाउन, तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से बुकिंग सिस्टम प्रभावित हो रहा है।
उत्तर भारत में भी दिख रहा असर
यह समस्या केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में देरी की खबरें सामने आ रही हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते पहले पैनिक बुकिंग बढ़ी थी, लेकिन अब हालात सामान्य होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर समस्याएं बनी हुई हैं।
ब्लैक में सिलेंडर बेचने के आरोप
कुछ उपभोक्ताओं ने एजेंसियों पर ब्लैक में सिलेंडर बेचने और मनमानी करने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
गुस्साए उपभोक्ताओं ने:
-
जिला आपूर्ति अधिकारी
-
स्थानीय प्रशासन
-
गैस कंपनियों
से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि एजेंसी पर कर्मचारी नहीं मिलेंगे, तो वे अपनी समस्या कहां लेकर जाएं?
गैस कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर
अगर बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है, तो उपभोक्ता इन हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
-
इंडेन गैस: 1800-2333-555 / 7718955555
-
भारत गैस: 1800-22-4344 / 7715012345
-
एचपी गैस: 1800-2333-555 / 9493602222
नियमित निगरानी की जरूरत
स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि ऐसी गैस एजेंसियों पर नियमित निगरानी रखी जाए और उपभोक्ताओं को समय पर राहत दी जाए।
अन्यथा यह समस्या और गंभीर हो सकती है, खासकर मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों के लिए।
निष्कर्ष
बेहरामपुर की यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है – क्या गैस कंपनियां केवल सब्सिडी तक सीमित हैं और सेवा देने में पीछे रह गई हैं?
जरूरत है कि ऐसी समस्याओं पर सख्त कार्रवाई हो और उपभोक्ताओं को उनका हक समय पर मिले।









