गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अभियंत्रण समीक्षा बैठक 16 दिसंबर 2025 को गाजियाबाद में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने की, जिसमें अभियंत्रण अनुभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा करना और प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना था।

एस्टिमेट प्रक्रिया के लिए डिजिटल सॉफ्टवेयर पर जोर
उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि किसी भी नए विकास कार्य से पहले एस्टिमेट तैयार करने की प्रक्रिया को सरल और तेज करने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे परियोजनाओं की शुरुआत में होने वाली देरी कम होगी।
इसके साथ ही, कार्यों की निगरानी के लिए एक वर्क मॉनिटरिंग पोर्टल विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

ई-ऑफिस के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया
टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उपाध्यक्ष कलाल ने कहा कि टेंडर से संबंधित सभी दस्तावेज ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जाएं।
उन्होंने अवर अभियंताओं को समय पर एस्टिमेट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए।
अनावश्यक देरी की स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
समयसीमा और ठेकेदारों पर कार्रवाई
उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की जानी चाहिए।
यदि कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं होता है, तो संबंधित ठेकेदार एजेंसी पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
यह कदम विकास कार्यों को समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पर्यावरण संरक्षण और GRAP नियम
बैठक में पर्यावरणीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों के दौरान ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन न हो।
प्रशासनिक पृष्ठभूमि
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर के शहरी विकास और अवसंरचना परियोजनाओं का संचालन करता है।
हाल के समय में जीडीए द्वारा डिजिटलीकरण और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
निष्कर्ष
अधिकारियों के अनुसार, यह समीक्षा बैठक जीडीए की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन निर्देशों से विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।










