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लाहौर में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर फिर हिंसक हमला

BPC News National Desk
7 Min Read

ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की कथित हत्या के बाद पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इन प्रदर्शनों के बीच बुधवार को लाहौर में स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट जनरल के बाहर एक बार फिर हिंसक झड़प हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने कॉन्सुलेट के मुख्य गेट में आग लगा दी और परिसर में घुसने की कोशिश की।

इस घटना के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान में स्थित अपने सभी प्रमुख डिप्लोमैटिक मिशनों — कराची, लाहौर और इस्लामाबाद — की सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

पाकिस्तान के कई शहरों में बढ़ती हिंसा और सुरक्षा चिंताओं के कारण अमेरिकी अधिकारियों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

कराची हमले के बाद लाहौर में भड़की हिंसा

लाहौर में हुआ यह हमला उस समय हुआ जब कुछ दिन पहले कराची में भी अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

कराची में 1 मार्च को हजारों प्रदर्शनकारी अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर जमा हो गए थे। स्थिति उस समय हिंसक हो गई जब भीड़ ने कॉन्सुलेट की दीवार तोड़ने की कोशिश की और सुरक्षा बलों से झड़प हो गई।

रिपोर्टों के अनुसार:

  • कम से कम 9 से 10 लोगों की मौत हुई

  • 60 से अधिक लोग घायल हुए

  • कॉन्सुलेट परिसर की कई खिड़कियां तोड़ी गईं

  • पुलिस पोस्ट में आग लगा दी गई

स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर अमेरिकी मरीन गार्ड्स को भी कार्रवाई करनी पड़ी।

लाहौर में दोबारा हमला

लाहौर में भी पहले 1 मार्च को विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस समय भी प्रदर्शनकारियों ने कॉन्सुलेट गेट पर आग लगाने की कोशिश की थी।

अब बुधवार को फिर से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए और कॉन्सुलेट के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।

कुछ देर बाद भीड़ उग्र हो गई और:

  • मुख्य गेट में आग लगा दी

  • पुलिस के साथ झड़प हुई

  • सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की गई

हालांकि सुरक्षा बलों ने स्थिति को काबू में कर लिया और किसी बड़े नुकसान को रोक लिया।

अमेरिका ने बंद किए सभी डिप्लोमैटिक मिशन

अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सभी डिप्लोमैटिक मिशनों की सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास

  • कराची अमेरिकी कॉन्सुलेट

  • लाहौर अमेरिकी कॉन्सुलेट

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार:

  • 2 मार्च से 6 मार्च तक सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए गए हैं

  • अमेरिकी नागरिक सेवाएं भी फिलहाल बंद रहेंगी

अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय समाचारों पर नजर रखने की सलाह दी है।

क्यों भड़का पाकिस्तान में गुस्सा

इन प्रदर्शनों की वजह ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत को माना जा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार उन्हें अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त एयरस्ट्राइक में निशाना बनाया गया था।

इस घटना के बाद पाकिस्तान के शिया समुदाय में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

पाकिस्तान की कुल आबादी में लगभग 15 प्रतिशत शिया मुसलमान हैं, जो ईरान के धार्मिक नेतृत्व के साथ गहरा संबंध महसूस करते हैं।

प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की मौत को “शहादत” बताते हुए अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ नारे लगाए।

कई शहरों में भड़की हिंसा

पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन देखे गए हैं।

मुख्य शहर जहां प्रदर्शन हुए:

  • कराची

  • लाहौर

  • इस्लामाबाद

  • मुल्तान

  • स्कर्दू

इन प्रदर्शनों के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं।

अब तक की रिपोर्टों के अनुसार:

  • 22 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है

  • 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं

मृतकों में:

  • कराची में लगभग 10 लोग

  • स्कर्दू में 11 लोग

  • अन्य शहरों में कुछ और मौतें

पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि:

खामेनेई की मौत मुस्लिम दुनिया के लिए दुखद है, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

पंजाब और सिंध सरकारों ने भी नागरिकों से शांतिपूर्ण विरोध करने की अपील की है।

सरकार ने कई शहरों में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी है।

1979 की घटना की याद

वर्तमान घटनाएं पाकिस्तान के इतिहास की एक पुरानी घटना की याद दिला रही हैं।

1979 में इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी भीड़ ने हमला कर दिया था।

उस हमले में:

  • 2 अमेरिकी नागरिकों की मौत हुई

  • 2 पाकिस्तानी कर्मचारी भी मारे गए

यह पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों के इतिहास की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक मानी जाती है।

पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा घटनाएं पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती हैं।

दोनों देशों के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • क्षेत्रीय सुरक्षा

  • आतंकवाद विरोधी रणनीति

  • मध्य पूर्व की राजनीति

अगर हिंसा और बढ़ती है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

विश्लेषकों का कहना है कि अगर ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व दोनों क्षेत्रों में देखा जा सकता है।

पाकिस्तान में चल रहे विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि यह मुद्दा केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है बल्कि व्यापक मुस्लिम दुनिया को प्रभावित कर रहा है।

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