उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के समाप्त होने के बाद भले ही आसमान साफ है, लेकिन हिमालयी क्षेत्रों से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं ने प्रदेश में ठंड बढ़ा दी है। बीते 24 से 48 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
अगले 24 घंटे ठंड बरकरार
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटों तक प्रदेश में ठंडी स्थिति बनी रहेगी। अधिकतम तापमान में भी 2–3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और रात में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
तराई क्षेत्रों में घना कोहरा, दृश्यता घटेगी
IMD के अनुसार 26–27 जनवरी की सुबह तराई क्षेत्र के जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना है। इनमें शामिल हैं:
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सहारनपुर
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शामली
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बहराइच
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लखीमपुर खीरी
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पीलीभीत
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सीतापुर
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बलरामपुर
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श्रावस्ती
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गोंडा
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बस्ती
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संतकबीरनगर
सुबह 8–10 बजे तक कोहरा छंट सकता है, लेकिन इस दौरान दृश्यता 50 से 200 मीटर तक सीमित रह सकती है।
27–28 जनवरी को बदलेगा मौसम का रुख
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 27 जनवरी की शाम से एक नया और तीव्र पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में:
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मेघगर्जन
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वज्रपात
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30–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं
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व्यापक बारिश
की संभावना जताई गई है।
पश्चिम से पूर्व तक बारिश का असर
इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, मुरादाबाद), मध्य यूपी (लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद) और पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़) में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।
3–5 डिग्री तक बढ़ेगा न्यूनतम तापमान
बारिश और बादलों के कारण 27–28 जनवरी के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को ठंड से अस्थायी राहत मिलेगी।
29 जनवरी से फिर लौटेगी कड़ाके की सर्दी
हालांकि यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 जनवरी की सुबह से उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में फिर से 2–4 डिग्री की गिरावट आ सकती है। जनवरी के आखिरी दिनों में ठंड एक बार फिर तेज होने की संभावना है।
सावधानियां और एडवाइजरी
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तराई क्षेत्रों में घने कोहरे के कारण वाहन चालक फॉग लाइट का प्रयोग करें
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27–28 जनवरी को तेज हवाओं और बारिश से फसलों व बागवानी को नुकसान हो सकता है
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वज्रपात और मेघगर्जन के दौरान खुले में न रहें
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बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव के विशेष उपाय अपनाने की सलाह








