देवभूमि हरिद्वार में श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वाले ढोंगी बाबाओं के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 20 बेहरूपियों को गिरफ्तार किया है। SSP हरिद्वार के सख्त निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड और अन्य प्रमुख घाटों पर साधु-संन्यासी का भेष धरकर ठगी कर रहे आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक और चमत्कार दिखाने के नाम पर भोले-भाले श्रद्धालुओं को भ्रमित कर पैसे और कीमती सामान ऐंठ रहे थे। इनके पास से नकली रुद्राक्ष, ताबीज, झाड़-फूंक की जड़ी-बूटियाँ, नकली भस्म और ठगी में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद की गई है।
सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 171 (सार्वजनिक स्थान पर कपटपूर्ण वेश), 419/420 (प्रतिरूपण द्वारा ठगी) सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार ढोंगी बाबा उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली और झारखंड जैसे राज्यों से आकर हरिद्वार में सक्रिय थे, जिससे स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित ठगी नेटवर्क था।
SSP हरिद्वार ने कड़ा संदेश देते हुए कहा:
“देवभूमि में ढोंग और ठगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सच्चे संतों का सम्मान होगा, लेकिन बेहरूपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध बाबा या साधु को पैसे, गहने या कीमती सामान न दें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस कार्रवाई के बाद हरिद्वार में सक्रिय ढोंगी बाबाओं में हड़कंप मच गया है और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के इस कठोर कदम की सराहना की है।
गिरफ्तार ढोंगी बाबाओं की सूची (संक्षेप)
मुंशी सरफराज (गुजरात), अमीर अहमद (मुरादाबाद), मोहम्मद ईशा (अजमेर), नजीर अहमद (बनारस), मोहन कुमार (दिल्ली), समीम अंसारी (दिल्ली), जमील (फरीदाबाद), मोहम्मद अली (देहरादून), सैय्यद इमराम मिया (पिरान कलियर), सीताराम (झारखंड), मोहम्मद शौकिन (शामली), मोहम्मद अब्दुल्ला (प. बंगाल), राज (बागपत), इकबाल (अजमेर), अखिलेश (मैनपुरी), आलम अंसारी (बिहार), मोहम्मद जलानी (दरभंगा), अब्दूल उद्दस (मालदा), महाकाल बाबा (बनारस) सहित अन्य।










