थाना शालीमार गार्डन क्षेत्र में एक शातिर महिला द्वारा पुलिस दरोगा को हनीट्रैप में फंसाकर लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। घटना ने एक बार फिर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शारीरिक संबंध बनाकर शुरू की ब्लैकमेलिंग
पीड़ित दरोगा, उपनिरीक्षक जय सिंह निगम के अनुसार, आरोपी महिला ने जून 2024 में उन्हें प्रेमजाल में फंसाया। महिला ने पहले विश्वास कायम कर शारीरिक संबंध बनाए और फिर ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने पैसे न देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने, सामाजिक बदनामी करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दीं।
तीन लाख नकद, फिर दस लाख और करोड़ों की मांग
दरोगा की पत्नी ने कोर्ट में दी गई शिकायत में बताया कि शुरुआत में महिला ने तीन लाख रुपये नकद और 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। इसके बाद उसने दस लाख रुपये की मांग की और आगे चलकर करोड़ों रुपये देने का दबाव बनाने लगी।
महिला और उसके कथित साथियों ने कचहरी परिसर में भी दबाव बनाया, जिसकी रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर सामने आई है।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर दरोगा की पत्नी ने कोर्ट के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट के आदेश पर शालीमार गार्डन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं में भी एफआईआर दर्ज की।
मुख्य आरोपी महिला गिरफ्तार, भेजी गई जेल
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला रेखा त्यागी, निवासी दयानंद पार्क, शालीमार गार्डन को 4 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया। महिला का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
थाना प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि उपलब्ध ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य सबूतों की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हनीट्रैप गिरोह की आशंका, जांच जारी
पुलिस का कहना है कि यह मामला संगठित हनीट्रैप गिरोह की ओर भी इशारा करता है, जिसमें पहले सोशल मीडिया या निजी संपर्क के जरिए शिकार चुना जाता है और फिर ब्लैकमेल किया जाता है।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि महिला ने जबरन कोर्ट मैरिज कराने की कोशिश की थी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







