देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स परिसर में कैंसर संस्थान, हाईटेक ट्रॉमा सेंटर और नर्सिंग कॉलेज के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं से एम्स की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी और मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली औपचारिक स्वीकृति
सूत्रों के अनुसार, इन तीनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद अब मार्च महीने से पहले निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। संबंधित विभागों को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैंसर संस्थान से मिलेगा विशेषज्ञ इलाज और रिसर्च सुविधा
नए कैंसर संस्थान के निर्माण से कैंसर मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ डॉक्टरों, उन्नत जांच और आधुनिक उपचार सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही यहां कैंसर रिसर्च को भी बढ़ावा मिलेगा।
हाईटेक ट्रॉमा सेंटर से मिलेगा त्वरित आपात उपचार
प्रस्तावित हाईटेक ट्रॉमा सेंटर दुर्घटना, गंभीर चोट और आपातकालीन मामलों में त्वरित और उन्नत इलाज प्रदान करेगा। इससे गोल्डन आवर में मरीजों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
नर्सिंग कॉलेज से तैयार होगा कुशल स्टाफ
एम्स में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज से कुशल और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तैयार होगा। इससे न केवल एम्स बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती मिलेगी।
एम्स के दूसरे चरण के विस्तार का हिस्सा
यह मंजूरी एम्स के दूसरे चरण के विस्तार योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए इलाज की क्षमता बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।
ओपीडी-आईपीडी पर दबाव होगा कम
एम्स में पहले से ही ओपीडी और आईपीडी में भारी भीड़ रहती है। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से वेटिंग टाइम कम होने और इलाज की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फैसले का किया स्वागत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मंत्रालय के इस फैसले की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से भारत का स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगा।
पूरे देश के मरीजों को मिलेगा लाभ
इन परियोजनाओं से न केवल दिल्ली बल्कि देशभर से आने वाले लाखों मरीजों को लाभ मिलेगा। एम्स की भूमिका एक नेशनल रेफरल सेंटर के रूप में और मजबूत होगी।










