उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महीने के अंत में जापान और सिंगापुर के महत्वपूर्ण दौरे पर जाने वाले हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देना है।
दौरे का पूरा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री का दौरा 22 फरवरी से शुरू होगा:
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23-24 फरवरी: सिंगापुर में निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात
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25-26 फरवरी: जापान के टोक्यो, यामानाशी, ओसाका और क्योटो का दौरा
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प्रवासी भारतीयों से संवाद
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हरित ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग पर चर्चा
ग्रीन एनर्जी और औद्योगिक सहयोग पर फोकस
इस यात्रा का विशेष फोकस:
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ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स
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क्लीन एनर्जी निवेश
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औद्योगिक साझेदारी
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सांस्कृतिक सहयोग
विशेष रूप से यामानाशी प्रांत के साथ हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना है।
अखिलेश यादव का क्योटो तंज
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री क्योटो भी घूमकर आएं ताकि समझ सकें कि वाराणसी को क्योटो जैसा क्यों नहीं बनाया जा सका।
काशी-क्योटो समझौते की याद
यह बयान 2014 में हुए काशी-क्योटो समझौते की ओर इशारा करता है, जो नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के दौरान हुआ था।
इस योजना के प्रमुख लक्ष्य थे:
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विरासत संरक्षण
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स्मार्ट सिटी विकास
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शहरी बुनियादी ढांचा सुधार
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2027-2030 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। इसके लिए विदेशी निवेश आकर्षित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक बहस तेज
इस दौरे को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरम है:
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भाजपा: इसे विकास और निवेश का बड़ा कदम बता रही
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सपा: इसे अधूरी योजनाओं से जोड़कर आलोचना कर रही
क्या मिलेंगे ठोस परिणाम?
अब नजर इस पर है कि दौरे से:
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कितने निवेश समझौते होते हैं
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कितने एमओयू साइन होते हैं
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रोजगार और उद्योग को कितना लाभ मिलता है







