उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकारी योजनाओं में घूसखोरी, दलाली या गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलिया प्रधानमंत्री आवास योजना समेत किसी भी जनकल्याणकारी योजना में रिश्वत मांगता पाया गया, तो उसका अगला ठिकाना सीधे जेल होगा।
रविवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की राशि ट्रांसफर की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के लिए हैं, न कि भ्रष्टाचार का जरिया बनने के लिए।
गोरखपुर की सुमन देवी से भावुक संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोरखपुर की बिछिया निवासी लाभार्थी सुमन देवी से सीधा संवाद किया। सुमन देवी ने बताया कि वे वर्षों से टिन के छप्पर वाले मकान में रहने को मजबूर थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किस्त के रूप में मिले एक लाख रुपये उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
सुमन देवी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ आवास योजना ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, अंत्योदय कार्ड और आयुष्मान भारत योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ घर देना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन देना है।
गोरखपुर जिले के 7,142 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में 2,09,421 लाभार्थियों के खातों में कुल 2,094 करोड़ रुपये की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर की गई।
गोरखपुर जिले में 7,142 लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिला, जिनमें नगर निगम गोरखपुर के 3,235 लाभार्थी और नगर पंचायत कैम्पियरगंज के लाभार्थी शामिल हैं।
योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी—
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पहली किस्त: 1 लाख रुपये
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दूसरी किस्त: 75 प्रतिशत निर्माण पूरा होने पर 1 लाख रुपये
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तीसरी किस्त: मकान पूर्ण होने पर 50 हजार रुपये
9 वर्षों में 62 लाख से अधिक परिवारों को मिला आवास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते करीब नौ वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 62 लाख से अधिक परिवारों को पक्के मकान का लाभ मिल चुका है। आज इस योजना से दो लाख से अधिक नए परिवार जुड़े हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने इसे स्वतंत्र भारत में गरीबों के लिए सबसे बड़े सामाजिक बदलावों में से एक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो। निर्माण सामग्री समय पर और उचित दर पर उपलब्ध कराई जाए, किस्तों का भुगतान बिना देरी हो और किसी भी तरह के बिचौलिये को बीच में घुसने न दिया जाए। इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की घूस या अवैध मांग की शिकायत तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं। सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी।
शिक्षा और सम्मानजनक जीवन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की संवाद शैली पूरी तरह आत्मीय और मातृसुलभ रही। उन्होंने लाभार्थियों से कहा कि घर मिलने के बाद बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि शिक्षा ही गरीबी से बाहर निकलने का सबसे मजबूत रास्ता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का यह कार्यक्रम न केवल सरकार की पारदर्शिता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ रही है।









