ग्रेटर नोएडा: शहर के समग्र विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की 143वीं बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹6048 करोड़ के बड़े बजट को मंजूरी दी गई, जो शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इसके साथ ही आम जनता और आवंटियों को राहत देने वाले फैसलों ने इस बैठक को और भी खास बना दिया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर फोकस
अथॉरिटी द्वारा स्वीकृत इस बजट में सबसे ज्यादा ध्यान जमीन अधिग्रहण, निर्माण कार्यों और ग्रामीण विकास पर केंद्रित किया गया है। कुल ₹6048 करोड़ के बजट में से ₹5294 करोड़ रुपये इन्हीं प्रमुख क्षेत्रों पर खर्च किए जाएंगे।
इससे स्पष्ट है कि प्रशासन शहर के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन निवेशों से ग्रेटर नोएडा को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
पानी के बिल में राहत, आवंटियों के लिए छूट योजना
बोर्ड बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि पानी के बिलों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। यह फैसला सीधे तौर पर आम नागरिकों को राहत देने वाला है, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा बकाया भुगतान करने वाले आवंटियों के लिए छूट योजना भी लागू की गई है, जिससे लोग अपने पुराने बकाया को आसानी से निपटा सकेंगे। यह कदम अथॉरिटी के राजस्व में सुधार के साथ-साथ नागरिकों को आर्थिक राहत देने का संतुलित प्रयास माना जा रहा है।
प्रॉपर्टी दरों में बढ़ोतरी का फैसला
हालांकि, दूसरी ओर प्रॉपर्टी दरों में बढ़ोतरी का फैसला भी लिया गया है, जिससे जमीन और संपत्ति खरीदना अब पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। इस निर्णय का असर खासकर नए खरीदारों और निवेशकों पर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मांग और तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते यह कदम उठाया गया है, ताकि बाजार को संतुलित रखा जा सके और अथॉरिटी के राजस्व में भी वृद्धि हो।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
बैठक में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी गई, जिनमें शामिल हैं:
- सड़कों का चौड़ीकरण
- नई कनेक्टिविटी परियोजनाएं
- जल निकासी व्यवस्था में सुधार
- सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार
इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि लोगों को दैनिक जीवन में भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अथॉरिटी ने गांवों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बजट का बड़ा हिस्सा निर्धारित किया है।
इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर कम करने में मदद मिलेगी और समग्र विकास को गति मिलेगी।
विकास और राहत के बीच संतुलन
कुल मिलाकर, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की यह बोर्ड बैठक विकास और राहत के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करती नजर आई। जहां एक ओर बड़े बजट और प्रोजेक्ट्स से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पानी के बिल में राहत और बकाया भुगतान पर छूट जैसी योजनाएं आम लोगों के लिए राहत लेकर आई हैं।
आने वाले समय में इन फैसलों का असर शहर की रफ्तार और जीवन स्तर पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।







