देहरादून, 19 जनवरी 2026। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से बुधवार को राजभवन में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री दीपम सेठ ने शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा और आगामी बड़े आयोजनों, विशेष रूप से महाकुंभ मेला 2027 (हरिद्वार) की सुरक्षा तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
भेंट के दौरान डीजीपी दीपम सेठ ने राज्यपाल को उत्तराखंड में वर्तमान अपराध परिदृश्य, कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सीसीटीवी नेटवर्क और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
अपराध नियंत्रण और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
डीजीपी दीपम सेठ ने राज्यपाल को अवगत कराया कि उत्तराखंड पुलिस साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध से निपटने के लिए नई रणनीति के तहत काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि—
- साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष साइबर सेल को मजबूत किया गया है
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है
- स्मार्ट पुलिसिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप का उपयोग बढ़ाया गया है
- थानों को हाईटेक बनाने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है
आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की तैयारियों की जानकारी
डीजीपी ने राज्यपाल को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की क्षमता वृद्धि, आपदा प्रबंधन प्रणाली, क्विक रिस्पॉन्स टीम और आपातकालीन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, इसलिए भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पुलिस और SDRF को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है।
महाकुंभ मेला 2027 की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने आगामी महाकुंभ मेला 2027 (हरिद्वार) को लेकर पुलिस प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—
“महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मजबूत भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था अनिवार्य है।”
उन्होंने पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जनोन्मुखी और तकनीक-सक्षम बनाने पर भी जोर दिया।
डीजीपी के प्रयासों की राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल ने डीजीपी दीपम सेठ द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नशा मुक्त अभियान में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और भविष्य में भी इसी प्रकार जनहित में कार्य करते रहने की अपेक्षा जताई।
राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
यह शिष्टाचार भेंट राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। डीजीपी दीपम सेठ ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड पुलिस हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।








