देशभर में बकरा ईद यानी Eid al-Adha का पर्व श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे को गले लगाया और ईद की मुबारकबाद दी।
प्रमुख शहरों की मस्जिदों में अदा हुई विशेष नमाज
New Delhi, Lucknow, Mumbai, Hyderabad, Bhopal, Kolkata और Srinagar सहित देश के कई प्रमुख शहरों की मस्जिदों में सुबह विशेष नमाज अदा की गई।
नमाज के दौरान देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी गई। धार्मिक विद्वानों ने कुर्बानी के महत्व और इंसानियत, भाईचारे तथा जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश दिया।
क्या है बकरा ईद का धार्मिक महत्व
Eid al-Adha इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है। यह पर्व हजरत इब्राहिम की कुर्बानी और अल्लाह के प्रति उनकी अटूट आस्था की याद में मनाया जाता है।
इस अवसर पर लोग कुर्बानी की रस्म निभाते हैं और मांस का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों में बांटते हैं। त्योहार का मुख्य संदेश त्याग, सेवा और मानवता को मजबूत करना माना जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
देश के कई हिस्सों में प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन व CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई।
नगर निगमों द्वारा साफ-सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बाजारों में दिखी ईद की रौनक
त्योहार को लेकर बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिली। मिठाइयों, सेवइयों, सूखे मेवों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही।
बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां देकर त्योहार की खुशियां साझा कीं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
देश के कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति Droupadi Murmu, प्रधानमंत्री Narendra Modi और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने देशवासियों को बकरा ईद की बधाई देते हुए इसे आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता का प्रतीक बताया।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना त्योहार
Eid al-Adha का यह पर्व एक बार फिर देश की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल बनकर सामने आया है। लोगों ने मिल-जुलकर त्योहार मनाते हुए भाईचारे, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश दिया।






