अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर अपनी सुरक्षा के साथ “खेल” करने का गंभीर आरोप लगाया है। झांसी दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी एनएसजी सुरक्षा हटा दी गई है और सरकार को इस फैसले का कारण सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए।
उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक बताते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है।
झांसी में दिया बड़ा बयान
झांसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा:
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सरकार मेरी सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है
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पहले एनएसजी सुरक्षा थी, जिसे हटा दिया गया
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सरकार को इसका कारण बताना चाहिए
उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा मूल्यांकन को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है।
राहुल गांधी से की तुलना
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाई गई थी, उसी तरह उनके मामले में भी राजनीतिक निर्णय लिया गया है।
उनका आरोप है कि विपक्षी नेताओं को अपमानित करने की रणनीति के तहत ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।
सुरक्षा का बैकग्राउंड
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2019 में केंद्र सरकार की वीआईपी सुरक्षा समीक्षा के दौरान उनकी एनएसजी सुरक्षा हटाई गई थी
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फिलहाल उन्हें Z+ श्रेणी सुरक्षा मिली हुई है
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समाजवादी पार्टी लगातार एनएसजी सुरक्षा बहाल करने की मांग कर रही है
पार्टी का दावा है कि हाल के वर्षों में उन्हें कई धमकियां मिली हैं।
बीजेपी का जवाब
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि:
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पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कोई कमी नहीं है
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सुरक्षा निर्णय खुफिया एजेंसियों के मूल्यांकन पर आधारित होते हैं
बीजेपी का कहना है कि यह मुद्दा राजनीतिक रूप से उठाया जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार:
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एनएसजी सुरक्षा केवल उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को दी जाती है
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2019 में कई नेताओं की सुरक्षा घटाई गई थी
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यदि हाल में धमकियां मिली हैं तो समीक्षा संभव है
राजनीतिक मायने
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है। विश्लेषकों के अनुसार:
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यह बयान विपक्षी एकता को मजबूत करने का प्रयास हो सकता है
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आने वाले चुनावों के मद्देनजर यह मुद्दा और बड़ा बन सकता है
निष्कर्ष
एनएसजी सुरक्षा हटाने का मामला अब राजनीतिक विवाद बन चुका है। जहां समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं बीजेपी सुरक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पेशेवर बता रही है।







