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भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान असम के कार्बी आंगलॉन्ग में क्रैश, सर्च ऑपरेशन जारी

BPC News National Desk
8 Min Read

नई दिल्ली/असम, 6 मार्च 2026: पूर्वोत्तर भारत के राज्य असम से एक गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आई है। भारतीय वायुसेना (IAF) का एक अत्याधुनिक सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान गुरुवार शाम रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा असम के कार्बी आंगलॉन्ग जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में हुआ, जो जोरहाट एयरबेस से लगभग 60 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

वायुसेना के अनुसार, विमान ने जोरहाट एयरबेस से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही शाम लगभग 7:42 बजे विमान रडार से अचानक गायब हो गया। शुरुआती चरण में इसे “ओवरड्यू” घोषित किया गया और तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। बाद में भारतीय वायुसेना ने पुष्टि की कि यह विमान कार्बी आंगलॉन्ग के इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।

रडार से अचानक गायब हुआ विमान

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विमान सामान्य प्रशिक्षण मिशन पर था और उड़ान के दौरान अचानक रडार संपर्क टूट गया। जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल को निर्धारित समय पर विमान से संपर्क नहीं मिला तो स्थिति को गंभीर मानते हुए तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

कुछ समय बाद स्थानीय स्रोतों और सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि विमान पहाड़ी इलाके में क्रैश हो गया है। दुर्घटना स्थल तक पहुंचना कठिन होने के कारण बचाव अभियान में समय लग रहा है।

सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हादसे के बाद भारतीय वायुसेना ने बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान में वायुसेना की टीमें, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण भी सहयोग कर रहे हैं।

कार्बी आंगलॉन्ग का इलाका घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिससे राहत और खोज कार्य में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। मौसम की स्थिति और भौगोलिक परिस्थितियां भी ऑपरेशन को जटिल बना रही हैं।

वायुसेना के हेलीकॉप्टर और ग्राउंड टीमें संभावित दुर्घटना स्थल की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।

पायलटों की स्थिति को लेकर प्रतीक्षा

इस हादसे में विमान में मौजूद पायलटों की स्थिति को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में पायलटों के घायल या लापता होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन भारतीय वायुसेना ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम बयान जारी नहीं किया है।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, बचाव टीमों की प्राथमिकता पायलटों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित निकालना है। जैसे-जैसे सर्च ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, स्थिति की स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

क्या है सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान

सुखोई Su-30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली और उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक है। यह रूस द्वारा विकसित मल्टीरोल फाइटर जेट का भारतीय संस्करण है, जिसे विशेष रूप से भारतीय वायुसेना की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है।

इस विमान में अत्याधुनिक एवियोनिक्स, लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता और उच्च मारक क्षमता वाले हथियार सिस्टम लगाए गए हैं।

इसकी प्रमुख विशेषताएं

  • दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट

  • लंबी दूरी तक मिशन संचालित करने की क्षमता

  • अत्याधुनिक रडार और एवियोनिक्स सिस्टम

  • हवा-से-हवा और हवा-से-जमीन मिसाइल ले जाने की क्षमता

  • सुपर मैन्युवरेबिलिटी और उच्च गति

भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में 200 से अधिक Su-30MKI विमान सेवा में हैं, जो देश की हवाई सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है Su-30MKI

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, Su-30MKI भारतीय वायुसेना की हवाई शक्ति का प्रमुख स्तंभ है। यह विमान लंबी दूरी के मिशन, सीमा निगरानी और युद्धक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसकी बहुउद्देश्यीय क्षमता के कारण इसे विभिन्न प्रकार के मिशनों में इस्तेमाल किया जाता है। भारत की कई प्रमुख एयरबेस पर यह विमान तैनात हैं और नियमित रूप से प्रशिक्षण अभ्यास और ऑपरेशनल मिशनों में भाग लेते हैं।

हादसे के कारणों की जांच शुरू

वायुसेना ने इस दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। आमतौर पर इस प्रकार की घटनाओं के बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की जाती है, जो दुर्घटना के संभावित कारणों का पता लगाती है।

जांच में निम्न संभावित पहलुओं की पड़ताल की जाती है:

  • तकनीकी खराबी

  • मौसम संबंधी कारण

  • मानव त्रुटि

  • उपकरणों में खराबी

जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

हालांकि भारतीय वायुसेना के विमानों का सुरक्षा रिकॉर्ड मजबूत माना जाता है, लेकिन समय-समय पर प्रशिक्षण या तकनीकी कारणों से दुर्घटनाएं होती रही हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भी कई बार तकनीकी समस्याओं या कठिन परिस्थितियों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। ऐसे मामलों में विस्तृत जांच के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।

स्थानीय लोगों ने सुनी जोरदार आवाज

कार्बी आंगलॉन्ग के आसपास रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार शाम उन्हें आसमान में तेज आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद इलाके में धुआं उठता दिखाई दिया।

स्थानीय प्रशासन को सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और बचाव टीमें तुरंत मौके की ओर रवाना हुईं। हालांकि दुर्गम इलाके के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग रहा है।

वायुसेना ने जताया दुख

भारतीय वायुसेना ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सर्च ऑपरेशन पूरी गंभीरता से जारी है।

वायुसेना ने यह भी कहा है कि जैसे-जैसे जांच और खोज अभियान आगे बढ़ेगा, संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण विमान

Su-30MKI विमान भारत की वायु शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह विमान लंबी दूरी तक उड़ान भरकर दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने की क्षमता रखता है।

भारत की कई सामरिक रणनीतियों में इस विमान की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसकी ताकत और तकनीकी क्षमताओं के कारण इसे दुनिया के सबसे सक्षम लड़ाकू विमानों में गिना जाता है।

आगे की जानकारी का इंतजार

फिलहाल पूरे देश की नजरें इस घटना से जुड़ी आगे की जानकारी पर टिकी हैं। सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पायलटों की स्थिति और दुर्घटना के कारणों के बारे में अधिक जानकारी सामने आएगी।

भारतीय वायुसेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर राहत और खोज कार्य में जुटे हुए हैं।

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