बिहार के हाजीपुर (वैशाली) जिले से एक ऐसा पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसकी तुलना लोग उत्तर प्रदेश के चर्चित “ज्योति मौर्य केस” से कर रहे हैं। इस मामले में अमन कुमार नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी गुंजन कुमारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमन का कहना है कि उसने मजदूरी कर और अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर पत्नी की पढ़ाई पूरी कराई, लेकिन बीपीएससी शिक्षिका बनने के बाद पत्नी ने उसे और उनके 10 वर्षीय बेटे को छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, गुंजन कुमारी का हाल ही में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा के जरिए शिक्षिका पद पर चयन हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद अमन ने पत्नी की पढ़ाई और तैयारी में पूरा सहयोग किया। पति का दावा है कि उसने अपनी पत्नी के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की और आर्थिक तंगी के बावजूद हर संभव सहायता की।
अमन कुमार का आरोप है कि शिक्षिका के रूप में चयन होने के बाद पत्नी का व्यवहार बदलने लगा। उसका कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान गुंजन की नजदीकियां उसके एक पुराने कॉलेज मित्र से बढ़ गईं। इसके बाद वह पिछले लगभग एक साल से हाजीपुर में अलग किराए के मकान में रह रही है। पति का आरोप है कि पत्नी अब परिवार के साथ नहीं रहना चाहती।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब 23 मई को अमन ने दावा किया कि उसने अपनी पत्नी को उसके कथित प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। इस घटना के बाद परिवार का विवाद सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
सबसे भावुक पहलू इस मामले में दंपति के 10 वर्षीय बेटे का बयान माना जा रहा है। बच्चे ने भी पिता का समर्थन करते हुए अपनी मां पर मारपीट करने और कथित प्रेमी को “मामा” बुलाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। बच्चे ने कहा कि वह अब अपनी मां के साथ नहीं रहना चाहता और अपने पिता के साथ ही रहना चाहता है।
हालांकि मामले में पत्नी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल यह मामला पारिवारिक विवाद और वैवाहिक संबंधों के टूटने से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे त्याग और संघर्ष की अनदेखी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग बिना पूरी सच्चाई सामने आए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल एक पक्ष की बात के आधार पर फैसला करना उचित नहीं होता, क्योंकि वैवाहिक विवादों के पीछे कई व्यक्तिगत और सामाजिक कारण भी हो सकते हैं।
पारिवारिक सलाहकारों के अनुसार, आधुनिक समाज में करियर, आर्थिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत संबंधों के बदलते स्वरूप के कारण वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ रहा है। कई बार संवाद की कमी और आपसी अविश्वास रिश्तों को कमजोर कर देते हैं। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ पारिवारिक परामर्श भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हाजीपुर का यह मामला एक बार फिर परिवार, रिश्तों और सामाजिक मूल्यों को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और दोनों पक्षों के आगे आने वाले बयानों पर टिकी हुई है। यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि समाज में बदलते रिश्तों और जिम्मेदारियों को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।








