अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी सैन्य हवाई निगरानी (ISR) और सटीक हमले (Precision Strike) क्षमता को मजबूत करने के लिए Bayraktar TB2 सशस्त्र ड्रोन को अपनी वायु सेना में शामिल किया है।
ये ड्रोन अपनी लंबी उड़ान क्षमता और लेजर-गाइडेड मुनिशन्स के जरिए दुश्मन ठिकानों पर बेहद सटीक हमला करने के लिए जाने जाते हैं।
क्या है Bayraktar TB2 की ताकत?
Bayraktar TB2 एक मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस (MALE) UCAV है, जिसकी खासियतें इसे आधुनिक युद्ध का अहम हथियार बनाती हैं:
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20+ घंटे तक लगातार उड़ान
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22,000 फीट तक ऑपरेशन क्षमता
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अधिकतम गति: 110 knots
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12 मीटर विंगस्पैन
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हाई-प्रिसिजन टारगेटिंग सिस्टम
लेजर-गाइडेड मुनिशन्स से पिनपॉइंट अटैक
ये ड्रोन MAM-L और MAM-C जैसे स्मार्ट मुनिशन्स से लैस हैं, जो टैंक, वाहन और दुश्मन के ठिकानों को कम से कम कोलैटरल डैमेज के साथ नष्ट कर सकते हैं।
2022 में हुई थी बड़ी डील
Baykar से UAE ने 2022 में 20 TB2 ड्रोन प्राप्त किए थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग $2 बिलियन के सौदे के तहत 120 ड्रोन, मुनिशन, ट्रेनिंग और कमांड सिस्टम पर भी बातचीत हुई थी।
EDGE और Baykar के बीच बढ़ा सहयोग
EDGE Group और Baykar के बीच रक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।
EDGE का Desert Sting 16 प्रिसिजन मुनिशन भी TB2 में सफलतापूर्वक इंटीग्रेट किया गया है, जिससे इसकी मारक क्षमता और बढ़ गई है।
युद्धों में साबित कर चुका है दम
Bayraktar TB2 पहले ही यूक्रेन, लीबिया और नागोर्नो-करबाख जैसे संघर्षों में अपनी प्रभावशीलता साबित कर चुका है।
ड्रोन युद्ध की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि UAE का यह कदम मध्य पूर्व में ड्रोन आधारित युद्ध रणनीति को और गति देगा।
लंबी दूरी, सटीकता और कम जोखिम के कारण UAVs भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
निष्कर्ष
संयुक्त अरब अमीरात द्वारा Bayraktar TB2 को शामिल करना न केवल उसकी सैन्य ताकत को बढ़ाता है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।









