ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत और Pakistan के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय सैन्य अधिकारियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के महानिदेशक Ahmed Sharif Chaudhry का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में उन्होंने भारतीय अधिकारियों द्वारा अंग्रेजी भाषा में प्रेस ब्रीफिंग देने पर सवाल उठाए और कई विवादित दावे किए।
अंग्रेजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उठाए सवाल
वीडियो में अहमद शरीफ चौधरी कहते दिखाई दे रहे हैं कि भारतीय अधिकारियों को अंग्रेजी में बोलने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रभावित करने के उद्देश्य से ऐसा कर रहा था।
हालांकि भारत की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि Operation Sindoor आतंकवाद के खिलाफ की गई लक्षित सैन्य कार्रवाई थी।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य और कूटनीतिक संवाद में अंग्रेजी का उपयोग सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है।
पाक सेना ने किए विवादित दावे
पाकिस्तानी अधिकारी ने यह भी दावा किया कि उनकी सेना ने कई भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया था।
हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया गया है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के दावे अक्सर मनोवैज्ञानिक और प्रचार युद्ध का हिस्सा होते हैं, जिनका उद्देश्य घरेलू जनता के बीच सेना की छवि मजबूत बनाए रखना होता है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
Operation Sindoor भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 6 और 7 मई 2025 की रात चलाया गया एक विशेष सैन्य अभियान था।
इस ऑपरेशन के तहत Pakistan और Pakistan-occupied Kashmir में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए थे।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इन ठिकानों का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों और भारत विरोधी हमलों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई कार्रवाई
यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को Pahalgam में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।
उस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें आम नागरिक और सुरक्षा बलों के जवान शामिल थे। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल था और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठी थी।
इसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने संयुक्त रणनीति के तहत ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।
भारत ने दोहराई “जीरो टॉलरेंस” नीति
वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सैन्य अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत की “जीरो टॉलरेंस” नीति का हिस्सा था।
अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन में:
- अत्याधुनिक तकनीक
- सटीक खुफिया जानकारी
- ड्रोन निगरानी
- तीनों सेनाओं का समन्वय
- आधुनिक युद्ध प्रणाली
का उपयोग किया गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत भविष्य में भी अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।
सूचना युद्ध का हिस्सा बन रही बयानबाजी
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से लगातार बयानबाजी और विवादित दावे उसकी रणनीतिक चिंता को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक दौर में सैन्य संघर्ष केवल सीमा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि:
- सूचना युद्ध
- डिजिटल प्रचार
- सोशल मीडिया अभियान
- प्रेस ब्रीफिंग
- अंतरराष्ट्रीय कूटनीति
भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
दोनों देश वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।
अंग्रेजी में ब्रीफिंग देना क्यों सामान्य माना जाता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत द्वारा अंग्रेजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना कोई असामान्य बात नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय सैन्य और कूटनीतिक संवाद में अंग्रेजी व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। इससे वैश्विक समुदाय तक भारत का पक्ष सीधे और स्पष्ट रूप से पहुंचाया जा सकता है।
क्षेत्रीय तनाव फिर चर्चा में
फिलहाल Operation Sindoor की वर्षगांठ पर दोनों देशों के बीच बयानबाजी ने एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
भारत ने साफ किया है कि उसकी कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ थी और उद्देश्य केवल राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना था। वहीं पाकिस्तान लगातार अपने दावों के जरिए अपनी स्थिति मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है।
अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों देशों के बीच यह कूटनीतिक और प्रचार युद्ध किस दिशा में आगे बढ़ता है।






