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प्रीमियम पेट्रोल के बाद इंडस्ट्रियल डीजल पर भी बड़ा झटका

BPC News National Desk
3 Min Read

नई दिल्ली/गाजियाबाद, 20 मार्च 2026। ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच एक और बड़ा झटका सामने आया है। Indian Oil Corporation (IOCL) ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है।

पहले ₹87.57 प्रति लीटर मिलने वाला यह डीजल अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गया है, यानी करीब ₹22 प्रति लीटर (लगभग 25%) की सीधी वृद्धि।

प्रीमियम पेट्रोल के बाद अब डीजल महंगा

हाल ही में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होना उद्योगों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इससे ट्रांसपोर्ट, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा।

किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर?

इंडस्ट्रियल डीजल का उपयोग मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में होता है:

  • फैक्ट्रियां और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

  • निर्माण साइट्स

  • डीजल जनरेटर

  • लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट

  • कृषि उपकरण (कुछ मामलों में)

कीमत बढ़ने से इन सभी सेक्टर की लागत में इजाफा होगा।

महंगाई पर पड़ेगा सीधा असर

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ोतरी का असर जल्द ही आम लोगों पर भी दिख सकता है:

  • माल ढुलाई महंगी होगी

  • सब्जियां और अनाज महंगे हो सकते हैं

  • निर्माण सामग्री की कीमत बढ़ सकती है

इससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।

कीमत बढ़ने के पीछे वजह

सूत्रों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है।
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गया था, जिससे रिफाइनिंग लागत बढ़ी है।

रिटेल कीमतें फिलहाल स्थिर

हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं:

  • पेट्रोल: ₹94-95/लीटर (लगभग)

  • डीजल: ₹87-88/लीटर (लगभग)

लेकिन इंडस्ट्रियल कीमतों में बढ़ोतरी का अप्रत्यक्ष असर जरूर पड़ेगा।

उद्योग जगत में नाराजगी

उद्योग जगत ने इस फैसले पर चिंता जताई है।
फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों का कहना है कि यह बढ़ोतरी उनके मार्जिन को और कम कर देगी।

कुछ संगठनों ने सरकार से मांग की है कि:

  • इंडस्ट्रियल ईंधन पर टैक्स में राहत दी जाए

  • सब्सिडी दी जाए

  • लागत नियंत्रण के उपाय किए जाएं

अन्य कंपनियां भी बढ़ा सकती हैं दाम

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Hindustan Petroleum (HPCL) और Bharat Petroleum (BPCL) भी जल्द ही इसी तरह कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।

वैकल्पिक ऊर्जा पर बढ़ेगा जोर

विशेषज्ञों का सुझाव है कि उद्योगों को अब:

  • सोलर एनर्जी

  • बायोफ्यूल

  • हाइब्रिड ऊर्जा मॉडल

जैसे विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में लागत कम की जा सके।

निष्कर्ष

इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी उद्योगों और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकेत है।
अब देखना होगा कि सरकार और कंपनियां इस पर क्या कदम उठाती हैं और महंगाई पर इसका कितना असर पड़ता है।

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