गाजियाबाद पुलिस ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर संवेदनशील स्थानों की जानकारी विदेश भेजने का आरोप है, जिससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ।
आरोपी की गिरफ्तारी कैसे हुई
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि वह लंबे समय से इस जासूसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और सक्रिय रूप से सूचनाएं साझा कर रहा था।
कैमरों का पाकिस्तान तक लाइव एक्सेस
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कई रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए कैमरों का लाइव एक्सेस पाकिस्तान तक पहुंच रहा था।
इनमें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
कैमरों के जरिए सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी।
पेट्रोल पंप की आड़ में जासूसी
आरोपी फरीदाबाद के एक पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चलाने की आड़ में यह अवैध गतिविधि कर रहा था।
वह रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से विदेश भेजता था।
गिरोह का नेटवर्क और गिरफ्तारियां
इस जासूसी गिरोह का सरगना सुहेल बताया जा रहा है।
अब तक इस मामले में कुल 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने की योजना बनाई थी।
पुलिस जांच में नए खुलासे
जांच में यह भी सामने आया है कि 450 से अधिक फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे जा चुके हैं।
पुलिस अब विदेशी हैंडलर्स, फंडिंग और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
इस कार्रवाई से एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो लंबे समय से सक्रिय था।
पुलिस की तत्परता से इस नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है, लेकिन जांच अभी जारी है।









