केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत संदेश देते हुए National Disaster Response Force (एनडीआरएफ) की आठवीं वाहिनी का दौरा किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने जवानों से मुलाकात की, आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की और आधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
अमित शाह के दौरे को आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गृह मंत्री ने एनडीआरएफ अधिकारियों और जवानों के साथ बैठक कर विभिन्न आपदा परिस्थितियों से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं, भूकंप, बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपात स्थितियों में बल की भूमिका की सराहना की।
मॉक ड्रिल और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन
दौरे के दौरान अधिकारियों ने गृह मंत्री को रेस्क्यू ऑपरेशन, आधुनिक तकनीक और आपदा राहत कार्यों में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों का प्रदर्शन भी किया। एनडीआरएफ जवानों ने मॉक ड्रिल के माध्यम से यह दिखाया कि किस प्रकार किसी आपदा की स्थिति में तेजी से राहत और बचाव कार्य किया जाता है।
“आपदा से पहले तैयारी भी जरूरी”
अमित शाह ने कहा कि देश में आपदा प्रबंधन प्रणाली को पहले से अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पहले से तैयारी और जागरूकता के माध्यम से नुकसान को कम करना भी है।
उन्होंने एनडीआरएफ जवानों के साहस, अनुशासन और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह बल देश के लोगों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है।
बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं में निभाई अहम भूमिका
गृह मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एनडीआरएफ ने देश के अलग-अलग हिस्सों में आई बाढ़, चक्रवात, भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी जवानों ने हजारों लोगों की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है।
जवानों से बातचीत कर सुने अनुभव
दौरे के दौरान अमित शाह ने जवानों से बातचीत कर उनके अनुभव भी सुने। उन्होंने बल के प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता और संसाधनों को और मजबूत करने का भरोसा दिया। अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार लगातार एनडीआरएफ को आधुनिक उपकरणों और बेहतर तकनीक से लैस करने पर काम कर रही है।
जलवायु परिवर्तन के दौर में बढ़ी चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और तेजी से बदलते मौसम के कारण प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आपदा प्रबंधन एजेंसियों की तैयारी और क्षमता को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। एनडीआरएफ जैसे विशेष बल देश में आपदा के समय सबसे पहले राहत और बचाव कार्यों में जुटते हैं।
तकनीक और जनभागीदारी पर दिया जोर
अमित शाह ने इस दौरान आपदा प्रबंधन में तकनीक और सामुदायिक भागीदारी की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को भी आपदा से बचाव और प्राथमिक सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक होना चाहिए। सरकार विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को तैयार करने का प्रयास कर रही है।
अधिकारियों ने दी भविष्य की योजनाओं की जानकारी
दौरे के दौरान वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि और एनडीआरएफ के कई जवान मौजूद रहे। अधिकारियों ने गृह मंत्री को विभिन्न परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
आधुनिक आपदा प्रबंधन पर सरकार का फोकस
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अमित शाह के इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार आने वाले समय में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देगी।
जवानों का बढ़ा मनोबल
एनडीआरएफ की आठवीं वाहिनी में गृह मंत्री का यह दौरा जवानों के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। जवानों ने भी भरोसा जताया कि वे हर परिस्थिति में देशवासियों की सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए पूरी तत्परता से कार्य करते रहेंगे।







