फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग का बढ़ता क्रेज युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सोशल मीडिया पर आकर्षक बॉडी, सिक्स पैक एब्स और तेजी से मसल्स बनाने की चाहत में कई लोग बिना पूरी जानकारी के खतरनाक शॉर्टकट अपनाने लगते हैं। Ghaziabad से सामने आया एक मामला इसी खतरनाक प्रवृत्ति की गंभीर तस्वीर पेश करता है, जहां जिम ट्रेनर के कहने पर स्टेरॉयड इंजेक्शन लगवाने वाले युवक की जिंदगी मुश्किलों में घिर गई।
इंदिरापुरम के युवक ने लगाए गंभीर आरोप
मामला गाजियाबाद के Indirapuram क्षेत्र का है। न्याय खंड-3 मकनपुर गांव निवासी Kamal Kant Tyagi ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अक्टूबर 2023 में नीति खंड-1 स्थित ASR Fitness Gym जॉइन किया था। वह वहां सामान्य योग और फिटनेस एक्सरसाइज के लिए जाते थे। शुरुआत में उनका उद्देश्य केवल शरीर को फिट रखना था, लेकिन बाद में उन्हें तेजी से बॉडी बनाने और मसल्स बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड और इंजेक्शन लेने की सलाह दी गई।
डेढ़ महीने तक लगवाए स्टेरॉयड इंजेक्शन
पीड़ित का आरोप है कि जिम ट्रेनर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इंजेक्शन और दवाओं के इस्तेमाल से कम समय में शानदार बॉडी बनाई जा सकती है। इसी झांसे में आकर उन्होंने करीब डेढ़ महीने तक स्टेरॉयड इंजेक्शन लगवाए। इसके बदले उनसे हजारों रुपये भी लिए गए। शुरुआत में शरीर पर असर दिखाई देने के कारण उन्हें लगा कि सब कुछ सामान्य है, लेकिन धीरे-धीरे उनकी तबीयत खराब होने लगी।
मेडिकल जांच में सामने आया गंभीर नुकसान
कमल कांत त्यागी के अनुसार, दो साल बाद उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि चलने-फिरने में तकलीफ होने लगी। लगातार दर्द और परेशानी बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टरों से जांच कराई। मेडिकल जांच में सामने आया कि उनका कूल्हा गंभीर रूप से डैमेज हो चुका है। डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक स्टेरॉयड और गलत इंजेक्शन के कारण शरीर के अंदर गंभीर दुष्प्रभाव पैदा हुए हैं।
चलने-फिरने में हो रही परेशानी
अब स्थिति यह है कि युवक को सामान्य रूप से चलने-फिरने में भी कठिनाई हो रही है। पीड़ित ने जिम संचालक और ट्रेनर पर गलत सलाह देकर इंजेक्शन लगाने तथा आर्थिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई है।
बिना मेडिकल सलाह स्टेरॉयड लेना खतरनाक
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह और मेडिकल निगरानी के स्टेरॉयड का उपयोग बेहद खतरनाक हो सकता है। स्टेरॉयड शरीर की मांसपेशियों को तेजी से बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन इनके दुष्प्रभाव लंबे समय तक शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे हड्डियों, लीवर, किडनी, हार्मोन और हृदय पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सोशल मीडिया के प्रभाव में आ रहे युवा
डॉक्टरों के अनुसार कई युवा सोशल मीडिया और फिल्मी प्रभाव में आकर जल्द बॉडी बनाने की कोशिश करते हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ जिम ट्रेनर और अवैध सप्लीमेंट बेचने वाले लोग उन्हें स्टेरॉयड और इंजेक्शन लेने के लिए प्रेरित करते हैं। शुरुआत में शरीर में बदलाव दिखाई देने के कारण लोग खतरे को समझ नहीं पाते, लेकिन बाद में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं।
प्राकृतिक तरीके से फिटनेस अपनाने की सलाह
फिटनेस विशेषज्ञों का कहना है कि सही डाइट, नियमित व्यायाम और प्राकृतिक तरीके से ही शरीर को स्वस्थ बनाया जा सकता है। शॉर्टकट अपनाने की कोशिश कई बार जिंदगीभर की परेशानी बन जाती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की दवा, सप्लीमेंट या इंजेक्शन का इस्तेमाल केवल योग्य डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
जिमों में निगरानी बढ़ाने की मांग
इस घटना के बाद इलाके में जिमों में दिए जा रहे सप्लीमेंट और इंजेक्शन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे जिमों और ट्रेनरों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए, जो बिना मेडिकल अनुमति के स्टेरॉयड और इंजेक्शन का इस्तेमाल करवा रहे हैं।
युवाओं के लिए चेतावनी बना मामला
विशेषज्ञ मानते हैं कि फिटनेस जागरूकता के साथ-साथ युवाओं को इसके सुरक्षित तरीकों की जानकारी देना भी बेहद जरूरी है। केवल आकर्षक शरीर पाने की चाहत में स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना गंभीर खतरा बन सकता है।
गाजियाबाद का यह मामला उन युवाओं के लिए चेतावनी है जो जल्दी बॉडी बनाने के लिए खतरनाक रास्ता चुन लेते हैं। थोड़े समय का आकर्षण भविष्य में बड़ी शारीरिक और मानसिक परेशानी का कारण बन सकता है।








