Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

816658
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

ग्रीन पार्क श्मशान घाट में हरीश राणा को दी जा रही अंतिम विदाई, भावुक माहौल में शुरू हुआ अंतिम संस्कार

BPC News National Desk
4 Min Read

नई दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में हरीश राणा को अंतिम विदाई दी जा रही है। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर श्मशान घाट पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल गहरा गया। परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और जानने वालों की भारी भीड़ उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए वहां एकत्रित हो गई। हर किसी की आंखों में नमीयां थीं और चेहरों पर गहरा दुख साफ झलक रहा था।

श्मशान घाट पहुंचते ही गहरा गया शोक

श्मशान घाट पर मौजूद माहौल बेहद भावुक था। लोग शांत भाव से खड़े होकर अपने प्रिय को अंतिम विदाई देने का इंतजार कर रहे थे। कई लोगों के लिए यह क्षण बेहद भारी और असहनीय था।

विधि-विधान से शुरू हुआ अंतिम संस्कार

श्मशान घाट पर पहुंचते ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान के साथ सभी कर्मकांड पूरे किए जा रहे हैं। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच परंपरागत तरीके से अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया।

आध्यात्मिक श्रद्धांजलि और शांति पाठ

ब्रह्म कुमारी संस्था की परंपराओं के अनुसार भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। आध्यात्मिक माहौल में शांति पाठ और ध्यान के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। संस्था की बहनों ने आत्मा की अमरता और जीवन के आध्यात्मिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को सांत्वना देने का प्रयास किया। इस प्रक्रिया ने माहौल को और अधिक भावुक बना दिया और वहां मौजूद हर व्यक्ति गहरे भावनात्मक अनुभव से गुजरता नजर आया।

लंबी कतारों में लोगों ने किए अंतिम दर्शन

हरीश राणा के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। जो भी उन्हें जानता था, वह उन्हें श्रद्धांजलि देने जरूर पहुंचा। कई लोगों ने उनके साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए भावुक होकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कुछ लोग उनके सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और दूसरों की मदद करने की आदत को याद कर रहे थे।

परिजनों की भावुक विदाई

परिवार के लिए यह क्षण बेहद कठिन और दर्दनाक रहा। अंतिम विदाई के दौरान परिजनों का दुख साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने भारी मन से हरीश राणा को मुखाग्नि दी और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा और वातावरण पूरी तरह गमगीन हो गया।

समाज में शोक और जीवन का संदेश

श्मशान घाट पर प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे। लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। हरीश राणा के निधन से न केवल उनके परिवार बल्कि समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई है। उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जा रहा है, जिन्होंने अपने व्यवहार और कर्मों से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।

उनकी सादगी, विनम्रता और दूसरों की मदद करने की भावना को हमेशा याद रखा जाएगा। अंतिम संस्कार की इस प्रक्रिया ने सभी को जीवन की नश्वरता का एहसास भी कराया। लोग यह कहते नजर आए कि जीवन अनिश्चित है और हर पल को सार्थक बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। हरीश राणा आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनके विचार और उनका व्यक्तित्व हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा। उनकी अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में हर कोई उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *