Ghaziabad की Ganga Yamuna Hindon Society में चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। भारत पॉडकास्ट चैनल से जुड़ी एक महिला पत्रकार ने स्वयं घोषित मीडिया प्रभारी कैलाश चंद्र पर अभद्र व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश भेजने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन से शिकायत की गई है।
महिला पत्रकार ने लगाए गंभीर आरोप
महिला पत्रकार का आरोप है कि सोसाइटी में कथित अनियमितताओं और स्थानीय मुद्दों का विरोध करने के बाद उन्हें निशाना बनाया जाने लगा। उनका कहना है कि:
- उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया,
- मानसिक रूप से परेशान करने की कोशिश हुई,
- और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से गलत एवं आपत्तिजनक संदेश फैलाए गए।
उन्होंने इसे एक महिला पत्रकार की आवाज दबाने और उनकी छवि खराब करने का प्रयास बताया।
वीडियो सामने आने का दावा
मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि विवाद से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कथित रूप से दोनों पक्षों के बीच बहस और अभद्रता दिखाई दे रही है। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुराने विवादों का भी जिक्र
महिला पत्रकार और भारत पॉडकास्ट चैनल से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि कैलाश चंद्र पहले भी विवादों में रह चुका है। दावा किया गया कि:
- वसुंधरा क्षेत्र की एक सोसाइटी में
- फंड और पैसों के लेनदेन में कथित गड़बड़ी
- तथा वित्तीय अनियमितताओं
के आरोपों के बाद उसे वहां से हटाया गया था।
हालांकि इन आरोपों की किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
महिला पत्रकार ने:
- स्थानीय थाने,
- और डीसीपी स्तर के अधिकारियों
को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सोसाइटी में बढ़ा तनाव
इस विवाद के बाद सोसाइटी में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ निवासी महिला पत्रकार के समर्थन में हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आपसी विवाद बता रहे हैं।
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में बना हुआ है।
भारत पॉडकास्ट चैनल का बयान
Bharat Podcast Channel की ओर से जारी बयान में कहा गया कि:
- महिलाओं की सुरक्षा,
- और पत्रकारों की स्वतंत्रता
से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चैनल ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा किसी प्रकार की अभद्रता या उत्पीड़न हुआ तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों ने कही निष्पक्ष जांच की बात
विशेषज्ञों का मानना है कि आवासीय सोसाइटियों में व्यक्तिगत विवाद और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं बढ़ रही हैं। लेकिन जब मामला:
- महिला सुरक्षा,
- गरिमा,
- और मानसिक उत्पीड़न
से जुड़ा हो, तब प्रशासन को संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस जांच का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव है।
सोसाइटी के कई निवासी चाहते हैं कि विवाद जल्द खत्म हो और परिसर का माहौल फिर से शांतिपूर्ण बने।







