शहर में बढ़ती निराश्रित गोवंशों की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर नंदी पार्क गौशाला के विस्तार का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है, जिससे गोवंशों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित आश्रय मिल सके।
14,000 वर्ग मीटर तक होगा विस्तार
नगर निगम द्वारा गौशाला का लगभग 14,000 वर्ग मीटर तक विस्तार किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत कुल 14,264 वर्ग मीटर क्षेत्र में इंटरलॉकिंग, बाउंड्री वॉल और नाद (चारा पात्र) का निर्माण किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत आएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
पांच नए शेड बनाए जाएंगे
विस्तारित गौशाला में गोवंशों की बेहतर देखभाल के लिए पांच अलग-अलग शेड बनाए जाएंगे। इनमें तीन शेड में नंदी और नंदिनी को अलग-अलग रखा जाएगा, जबकि एक शेड छोटे बछड़ों और बछियों के लिए होगा। इसके अलावा एक विशेष शेड बीमार गोवंशों के इलाज और देखभाल के लिए तैयार किया जाएगा।
गोवंशों के लिए विकसित होगा खुला स्थान
मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार गौशाला का विस्तार 72 मीटर चौड़ाई और 195 मीटर लंबाई में किया जा रहा है। इसमें गोवंशों के लिए खुला स्थान भी विकसित किया जाएगा, जिससे वे आराम से रह सकें और घूम-फिर सकें।
1800 से अधिक गोवंश पहले से मौजूद
वर्तमान में गौशाला में 1800 से अधिक गोवंश मौजूद हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए यह विस्तार आवश्यक हो गया था। अधिकारियों के अनुसार करीब आठ महीने के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है और जल्द ही बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू किया जाएगा।
तेजी से काम करने के निर्देश
नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गोवंशों के रहने, खाने और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नाद निर्माण, हरे चारे और भूसा भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करने को कहा गया है। छोटे गोवंशों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
सड़कों पर गोवंश न दिखें, अभियान तेज
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़कों पर निराश्रित गोवंशों को भटकने से रोकने के लिए अभियान को तेज किया जाएगा। इस पहल से न केवल गोवंशों को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और स्वच्छता में भी सुधार होगा।
पशु कल्याण की दिशा में बड़ा कदम
यह विस्तार योजना गाजियाबाद में पशु कल्याण और शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे भविष्य में निराश्रित गोवंशों की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।








