देहरादून स्थित एडिफाई वर्ल्ड स्कूल में आयोजित दो दिवसीय उत्तराखंड पक्षी प्रदर्शनी का भव्य समापन हुआ। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राज्य की समृद्ध जैव विविधता, दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया।
इस पहल ने बच्चों के भीतर प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन्यजीव फोटोग्राफर ने साझा किया अनुभव
प्रदर्शनी का आयोजन प्रसिद्ध वन्यजीव फोटोग्राफर राजू पुषोला द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलोनी ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक एडवोकेट पंकज होलकर और प्रधानाचार्य प्रदीप गौड़ ने अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया।
दुर्लभ पक्षियों की तस्वीरों ने खींचा ध्यान
प्रदर्शनी में उत्तराखंड के जंगलों में पाए जाने वाले कई दुर्लभ और सुंदर पक्षियों की तस्वीरें प्रदर्शित की गईं।
- रंग-बिरंगे पक्षियों की आकर्षक झलक
- उनके प्राकृतिक आवास की जानकारी
- भोजन और जीवनशैली का परिचय
- पर्यावरण संतुलन में भूमिका
इन सभी पहलुओं ने विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।
बच्चों को मिला प्रकृति से जुड़ने का मौका
राजू पुषोला ने बर्ड वॉचिंग और वन्यजीव फोटोग्राफी से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पक्षी प्रकृति का अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने छात्रों को समझाया कि पर्यावरण संरक्षण के बिना पक्षियों का अस्तित्व सुरक्षित नहीं रह सकता।
बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संदेश
जया बलोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति और पक्षियों से हमें अनुशासन और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह पक्षी हर परिस्थिति में अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं, उसी तरह छात्रों को भी जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
विद्यालय की सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में सक्रिय रूप से भाग लिया।
- कई बच्चों ने पहली बार दुर्लभ पक्षियों को करीब से देखा
- विशेषज्ञों से सवाल पूछे
- प्रकृति संरक्षण के बारे में नई जानकारी हासिल की
यह अनुभव बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ।
आयोजन का समापन
कार्यक्रम के अंत में राजू पुषोला ने मुख्य अतिथि और विद्यालय प्रबंधन को पक्षी चित्र फ्रेम भेंट किए।
विद्यालय के निदेशक और प्रधानाचार्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार के आयोजनों को छात्रों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
क्यों है यह पहल खास
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस तरह के आयोजन छात्रों को किताबों से बाहर प्रकृति को समझने का अवसर देते हैं।
यह प्रदर्शनी न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने वाली प्रेरणादायक पहल भी साबित हुई।







