ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर हुआ बड़ा हादसा, आठ लोगों से भरी कार खाई में गिरकर नदी में बह गई
देवप्रयाग। उत्तराखंड के देवप्रयाग क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई और सीधे नदी में समा गई। हादसे के समय वाहन में चालक सहित कुल आठ लोग सवार थे। दुर्घटना में अब तक तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अन्य लोग अभी भी लापता हैं। एक बालक को गंभीर घायल अवस्था में सुरक्षित बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्य लगातार जारी है।
खाई में गिरने के बाद नदी में समा गई कार
जानकारी के अनुसार, इनोवा कार (यूके08टीए-5433) ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरा। खाई में गिरने के बाद वाहन सीधे नदी में समा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि वाहन कुछ ही क्षणों में तेज बहाव में ओझल हो गया। दुर्घटना की सूचना तुरंत पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों को दी गई, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।
एसडीआरएफ की कई टीमें मौके पर पहुंचीं
थाना देवप्रयाग से सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ पोस्ट ब्यासी की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला से राफ्ट और अतिरिक्त जवानों को भी भेजा गया। वहीं एसडीआरएफ पोस्ट श्रीनगर से भी विशेष बचाव दल को मौके पर तैनात किया गया।
एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में विभिन्न इकाइयों ने जिला पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान शुरू किया। बचावकर्मियों ने नदी, खाई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया।
एक घायल बालक को बचाया गया
रेस्क्यू अभियान के दौरान बचाव दल को बड़ी सफलता तब मिली जब एक बालक को गंभीर घायल अवस्था में जीवित खोज लिया गया। एसडीआरएफ जवानों ने कठिन परिस्थितियों में उसे सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकों की निगरानी में बालक का उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन समय रहते रेस्क्यू किए जाने से उसकी जान बचाई जा सकी।
नदी से तीन शव बरामद
लगातार चलाए गए सर्च अभियान के दौरान नदी से तीन लोगों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। एसडीआरएफ की टीम ने राफ्ट की सहायता से शवों को नदी से निकालकर सड़क तक पहुंचाया और आगे की कार्रवाई के लिए जिला पुलिस को सौंप दिया।
शवों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। हादसे की खबर मिलते ही संबंधित परिवारों में कोहराम मच गया है।
चार लोगों की तलाश जारी
रेस्क्यू टीम ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी ली, लेकिन अन्य कोई व्यक्ति वाहन के भीतर नहीं मिला। फिलहाल चार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।
एसडीआरएफ की टीमें नदी के विभिन्न संभावित क्षेत्रों में खोज अभियान चला रही हैं। तेज बहाव, गहराई और पहाड़ी भूभाग के कारण राहत कार्य में काफी चुनौतियां आ रही हैं, लेकिन बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
देवप्रयाग का क्षेत्र पहाड़ी और संवेदनशील माना जाता है। यहां नदी का तेज बहाव और गहरी खाइयां राहत कार्य को और कठिन बना देती हैं। इसके बावजूद एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवान आधुनिक उपकरणों और राफ्ट की सहायता से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और टीमें भी तैनात की जा सकती हैं।
क्षेत्र में शोक का माहौल
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे देवप्रयाग क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ती आवाजाही के बीच यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल सभी की निगाहें बचाव अभियान पर टिकी हैं और लोग लापता व्यक्तियों के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।








