हज यात्रा 2026 के लिए हवाई किराये में हुई बढ़ोतरी को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। चंद्रशेखर आजाद ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए किरण रिजिजू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रति यात्री 10 हजार रुपये बढ़ोतरी का आरोप
सांसद ने अपने पत्र में कहा कि हज यात्रियों से करीब 10 हजार रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह बढ़ोतरी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बड़ा बोझ बन रही है, जो पहले से ही यात्रा के खर्चों को लेकर संघर्ष कर रहा है।
धार्मिक आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला
हज यात्रा मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा मानी जाती है। हर साल हजारों लोग लंबे समय तक बचत कर इस यात्रा की तैयारी करते हैं। ऐसे में अचानक बढ़ा किराया कई परिवारों की चिंता का कारण बन गया है।
ATF कीमतों का दिया जा रहा हवाला
किराया बढ़ोतरी के पीछे एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में वृद्धि को वजह बताया जा रहा है। हालांकि सांसद का कहना है कि इस बोझ को सीधे यात्रियों पर डालना उचित नहीं है।
सरकार से राहत की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि:
- अतिरिक्त 10 हजार रुपये की वृद्धि वापस ली जाए
- या सरकार स्वयं इस लागत को वहन करे
- किराया बढ़ोतरी की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
यात्रियों की बढ़ी चिंता
हज यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों ने भी इस बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि वे पहले से ही आवास, भोजन और अन्य खर्चों के लिए योजना बनाते हैं। अचानक बढ़े खर्च से कई लोगों को अपनी यात्रा टालनी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों की राय: संतुलन जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर किराये पर पड़ना सामान्य है, लेकिन धार्मिक यात्राओं के मामलों में सरकार को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
राजनीतिक मुद्दा बनने की संभावना
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह मुद्दा आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है। विपक्ष पहले से ही महंगाई को लेकर सरकार को घेर रहा है, ऐसे में हज किराये का मुद्दा भी बहस का केंद्र बन सकता है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल हज यात्रियों की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम पर है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस मामले में राहत देने वाला फैसला ले सकती है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की धार्मिक यात्रा प्रभावित न हो।







