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जबलपुर क्रूज हादसा: मां के सीने से लिपटा मिला मासूम, बरगी डैम त्रासदी ने देश को झकझोरा

BPC News National Desk
5 Min Read

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा पूरे देश को झकझोर गया है। नर्मदा नदी के बैकवाटर में पर्यटकों से भरा एक क्रूज तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच अचानक डूब गया। इस भयावह हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हादसे के बाद का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब रेस्क्यू टीम को एक महिला का शव उसके चार साल के बेटे को सीने से लगाए मिला।

हादसे के बाद अफरा-तफरी, चीख-पुकार के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के बाद बरगी डैम के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चीख-पुकार और मदद की आवाजों के बीच स्थानीय लोगों और बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। जानकारी के अनुसार क्रूज में कई परिवार सवार थे, जो नर्मदा नदी में घूमने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचे थे। लेकिन अचानक बदले मौसम ने इस सफर को भयावह हादसे में बदल दिया।

खराब मौसम बना हादसे की बड़ी वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय मौसम अचानक खराब हो गया था। तेज हवाएं चलने लगीं और पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं। बताया जा रहा है कि क्रूज अस्थिर होने लगा था और किनारे पर मौजूद लोगों ने चालक को वापस लौटने की सलाह भी दी थी। इसके बावजूद क्रूज आगे बढ़ता रहा और कुछ ही देर में पानी में समा गया।

बचे हुए यात्री ने लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली निवासी प्रदीप कुमार, जो इस हादसे में किसी तरह बच गए, ने क्रूज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्रू के केवल दो सदस्य मौजूद थे और हादसे के दौरान यात्रियों को संभालने के बजाय उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यात्रियों को समय पर लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गईं।

लापता परिवार, टूटा घर—भावुक कर देने वाली कहानी

प्रदीप कुमार की पत्नी और चार साल का बेटा अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद से उनका परिवार पूरी तरह टूट चुका है और उन्हें अब भी अपने प्रियजनों के मिलने की उम्मीद है। यह हादसा कई परिवारों के लिए गहरा दुख और सदमा लेकर आया है।

प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात

घटना के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें लगातार गोताखोरी कर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं और अन्य एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

इस हादसे के बाद कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं—

  • क्या क्रूज में क्षमता से अधिक यात्री थे?
  • क्या पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद थे?
  • खराब मौसम के बावजूद क्रूज को क्यों रवाना किया गया?

प्रशासन ने इन सभी बिंदुओं की जांच के आदेश दे दिए हैं।

विशेषज्ञों की राय: सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनती है कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कई बार ऐसे हादसों को जन्म देती है। जल पर्यटन में लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित स्टाफ और मौसम की जानकारी बेहद जरूरी होती है, जिसकी कमी इस हादसे में साफ नजर आई।

देशभर में शोक की लहर, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। बरगी डैम की लहरों में केवल एक क्रूज नहीं डूबा, बल्कि कई लोगों के सपने और परिवारों की मुस्कान भी बह गई। पूरा देश इस घटना से स्तब्ध है और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर रहा है।

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