उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा का बुधवार को श्रीनगर दौरा राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना गया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाई और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।
कुमारी शैलजा के दौरे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
संगठन मजबूती और चुनावी रणनीति पर चर्चा
बैठक के दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की बात कही।
नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय होने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने, युवाओं को जोड़ने और स्थानीय मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया।
कुमारी शैलजा ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास दोबारा मजबूत करना है।
Quality Food Restaurant में साथ किया भोजन
बैठक के बाद सभी वरिष्ठ नेताओं ने श्रीनगर के प्रसिद्ध Quality Food Restaurant में एक साथ भोजन किया। यहां अनौपचारिक माहौल में भी राजनीतिक चर्चाएं जारी रहीं।
कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच सहज संवाद ने संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया। कांग्रेस नेताओं की यह एकजुटता कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा रही है।
गणेश गोदियाल का अंदाज बना चर्चा का विषय
पूरे दौरे का सबसे चर्चित दृश्य उस समय सामने आया जब कुमारी शैलजा गढ़वाल भ्रमण और बद्री-केदार दर्शन के लिए रवाना हुईं।
इस दौरान उनकी गाड़ी खुद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल चलाते नजर आए, जबकि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी उनके साथ मौजूद थे। नेताओं की यह सादगी और आपसी तालमेल कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर भी इस दौरान की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
2027 चुनाव को लेकर कांग्रेस सक्रिय
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस अब 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर पूरी तरह सक्रिय होती दिखाई दे रही है। लगातार बैठकों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश की जा रही है।
कुमारी शैलजा का यह दौरा भी कांग्रेस की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें नेतृत्व स्तर पर ऐसा सामंजस्य और सक्रियता देखने को मिली है, जिससे संगठन को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर श्रीनगर में आयोजित कांग्रेस का यह कार्यक्रम केवल राजनीतिक बैठक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक एकजुटता का बड़ा संदेश बनकर सामने आया।






