पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक बदलाव होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि यदि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होता है, तो भाजपा की ओर से शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें बंगाल में भाजपा का प्रमुख चेहरा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी अलग और मजबूत पहचान बनाई है। कभी Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले अधिकारी ने वर्ष 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।
उनके भाजपा में शामिल होने को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना गया था। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर दी और चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में भी सुर्खियां बटोरीं।
नंदीग्राम जीत ने बदली राजनीतिक तस्वीर
Nandigram विधानसभा सीट पर मिली जीत भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी गई। यह जीत केवल एक विधानसभा सीट की जीत नहीं थी, बल्कि बंगाल में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत का प्रतीक बनकर सामने आई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नंदीग्राम चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी भाजपा के सबसे प्रभावशाली बंगाली नेताओं में शामिल हो गए। उनकी आक्रामक राजनीतिक शैली, संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ ने उन्हें राज्य की राजनीति में एक बड़ा चेहरा बना दिया है।
ग्रामीण बंगाल में मजबूत पकड़
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी की ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी पकड़ मानी जाती है। खासकर पूर्वी और दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में उनका प्रभाव काफी मजबूत बताया जाता है।
भाजपा भी लगातार उन्हें राज्य की राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिश करती नजर आ रही है। हाल के महीनों में पार्टी के कई बड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका और केंद्रीय नेतृत्व के साथ बढ़ती नजदीकियों ने इन चर्चाओं को और मजबूत कर दिया है।
भाजपा की बंगाल में सत्ता पाने की कोशिश जारी
Bharatiya Janata Party लंबे समय से पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था, हालांकि वह सरकार बनाने में सफल नहीं हो सकी।
इसके बावजूद भाजपा ने खुद को राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में स्थापित कर लिया। मौजूदा समय में पार्टी भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और हिंदुत्व जैसे मुद्दों को लेकर लगातार राज्य सरकार पर हमला बोल रही है।
ऐसे में शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का संभावित चेहरा माना जाना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
क्या भाजपा करेगी मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान?
हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी नेतृत्व अक्सर चुनाव से पहले मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा से बचता रहा है।
इसके बावजूद राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा पश्चिम बंगाल में बहुमत हासिल करती है, तो शुभेंदु अधिकारी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा सकती है।
तृणमूल कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रचार
दूसरी ओर All India Trinamool Congress इस तरह की चर्चाओं को केवल राजनीतिक प्रचार करार दे रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है और विपक्ष केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि राज्य की जनता विकास और कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर एक बार फिर पार्टी पर भरोसा जताएगी।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंगी हुई नजर आ रही है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई हैं।
आने वाले समय में यह साफ होगा कि शुभेंदु अधिकारी वास्तव में मुख्यमंत्री पद तक पहुंच पाते हैं या नहीं, लेकिन इतना तय है कि वे आज पश्चिम बंगाल की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जा रहे हैं।







