गाजियाबाद में इंडिया वन ATM कैश वैन से 27 लाख रुपये की लूट का मामला अब धीरे-धीरे पूरी तरह खुलता जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने करीब छह महीने तक रेकी की थी। आरोपियों ने पूरी योजना बेहद पेशेवर और फिल्मी अंदाज में तैयार की थी, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये लूटकर फरार हो गए।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुई थी बड़ी लूट
यह घटना क्रासिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में 6 मई को हुई थी। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे स्थित एक पेट्रोल पंप के पास इंडिया वन एटीएम में कैश भरने पहुंची कैश वैन को बदमाशों ने निशाना बनाया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
छह महीने तक करते रहे रेकी
मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी सिटी Dhawal Jaiswal ने बताया कि बदमाश काफी समय से कैश वैन की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। आरोपियों ने कई बार कैश वैन का पीछा किया, लेकिन सही मौका नहीं मिलने के कारण वारदात को अंजाम नहीं दे पाए।
आखिरकार 6 मई को उन्होंने पूरी तैयारी के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया।
बिना नंबर प्लेट की कार से पहुंचे आरोपी
पुलिस के अनुसार बदमाश बिना नंबर प्लेट लगी बलेनो कार में घटना स्थल पर पहुंचे थे। वारदात से करीब दो घंटे पहले ही आरोपी पेट्रोल पंप के पास पहुंच गए थे और कैश वैन के आने का इंतजार कर रहे थे।
जैसे ही कैशियर और गार्ड एटीएम में कैश डालने के लिए अंदर गए, बदमाशों ने मौके का फायदा उठाया।
तमंचे के बल पर ड्राइवर को बनाया बंधक
आरोपियों ने अकेले बैठे ड्राइवर को तमंचे के बल पर कब्जे में ले लिया। इसके बाद कुछ ही मिनटों में कैश वैन से लाखों रुपये निकाल लिए गए।
वारदात के दौरान बदमाशों ने फायरिंग भी की, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस तथा मुखबिरों की मदद से जांच शुरू की।
वेव सिटी थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार कर लिया।
नकदी, हथियार और कार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 लाख 6 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार, एक तमंचा और एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई है।
पुलिस के मुताबिक कुल्हाड़ी का इस्तेमाल कैश वैन के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को तोड़ने के लिए किया गया था, ताकि कोई सबूत न बच सके।
गिरोह में शामिल थे छह बदमाश
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह में कुल छह लोग शामिल थे।
मोहम्मद रिजवान ने पूरी वारदात की योजना तैयार की थी, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड जुबैर बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है।
पुलिस कर रही फरार बदमाशों की तलाश
डीसीपी धवल जायसवाल ने कहा कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों को किसी अंदरूनी व्यक्ति से जानकारी मिल रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कैश वैन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छह महीने तक रेकी होने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों को भनक न लगना गंभीर चिंता का विषय है।








