Uttarakhand Police के जवान एक बार फिर यह साबित करने में सफल रहे हैं कि वे केवल कानून व्यवस्था संभालने में ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। Yugal Kishore ने Lucknow में आयोजित 2nd All India Police Badminton and Table Tennis Cluster प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष वर्ग 40 प्लस सिंगल्स कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतकर उत्तराखण्ड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
लखनऊ में आयोजित हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 9 मई से 13 मई 2026 तक लखनऊ में आयोजित की गई थी। इसमें देशभर की विभिन्न पुलिस इकाइयों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में कड़े मुकाबले देखने को मिले, लेकिन पौड़ी गढ़वाल में तैनात आरक्षी युगल किशोर ने अपने अनुशासन, फिटनेस, धैर्य और बेहतरीन खेल कौशल के दम पर सभी चुनौतियों को पार करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
फाइनल मुकाबले में दिखाया दम

प्रतियोगिता के दौरान युगल किशोर ने कई अनुभवी खिलाड़ियों का सामना किया। हर मुकाबले में उन्होंने आत्मविश्वास और संयम का परिचय दिया। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को मात दी और स्वर्ण पदक जीतकर उत्तराखण्ड पुलिस का परचम लहरा दिया।
पुलिस विभाग में खुशी की लहर
युगल किशोर की इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है। उनके शानदार प्रदर्शन ने यह संदेश दिया है कि यदि समर्पण और मेहनत हो तो ड्यूटी के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
Sarvesh Panwar ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि युगल किशोर की उपलब्धि पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों का इस प्रकार खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन यह दर्शाता है कि विभाग में प्रतिभा और अनुशासन की कोई कमी नहीं है।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि युगल किशोर की जीत युवा पुलिसकर्मियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। खेल न केवल शारीरिक फिटनेस बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती और अनुशासन भी सिखाते हैं, जो पुलिस सेवा में बेहद महत्वपूर्ण हैं।
यह सफलता इस बात का भी प्रमाण है कि उत्तराखण्ड पुलिस अपने जवानों को खेलों के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। विभाग समय-समय पर अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध करा रहा है, जिससे खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें।
सोशल मीडिया पर मिल रहीं बधाइयां
स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने भी युगल किशोर की उपलब्धि पर खुशी जताई है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं और उनकी मेहनत की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करती हैं और यह संदेश देती हैं कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उत्तराखण्ड पुलिस के लिए गर्व का क्षण
युगल किशोर की यह जीत केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखण्ड पुलिस के समर्पण, अनुशासन और क्षमता का प्रतीक भी है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि वर्दी पहनने वाले जवान केवल सुरक्षा के प्रहरी ही नहीं, बल्कि खेल जगत के भी चमकते सितारे बन सकते हैं।







