Uttarakhand Police द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” अब राज्य में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा और प्रभावी कदम बनता दिखाई दे रहा है। राज्यभर में लगातार चल रही सघन चेकिंग, सत्यापन और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के कारण असामाजिक तत्वों और पेशेवर अपराधियों में डर का माहौल बन गया है।
हाल ही में Deepam Seth ने अभियान की हाईलेवल समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्रवाई और अधिक तेज करने के निर्देश दिए। पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में कानून व्यवस्था, संगठित अपराध, सत्यापन अभियान और साइबर सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
1400 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अब तक 1,400 से अधिक वांछित, फरार और पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लगातार चल रही छापेमारी और चेकिंग अभियान के कारण कई अपराधी पुलिस के शिकंजे में आए हैं।

पुलिस का कहना है कि राज्य में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और संगठित अपराध पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि अपराधियों की गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके।
40 हजार से अधिक लोगों का सत्यापन
अभियान के तहत व्यापक सत्यापन अभियान भी चलाया गया है। पुलिस ने 40,000 से अधिक बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान राज्य में अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान करने और संभावित अपराधों को रोकने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
4000 से ज्यादा असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई
“ऑपरेशन प्रहार” के दौरान पुलिस ने 4,000 से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है। ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया जो शांति व्यवस्था भंग करने या आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए।
पुलिस का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।
यातायात और सड़क सुरक्षा पर भी सख्ती
अभियान केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
अब तक:
- 15,000 से अधिक वाहनों के चालान किए गए
- लगभग 2,000 वाहन सीज किए गए
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
अवैध हथियार और घुसपैठियों पर कार्रवाई

उत्तराखण्ड पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ भी अभियान तेज किया है। अब तक 66 अवैध शस्त्र बरामद किए जा चुके हैं।
इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क और बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े मामलों पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।
चारधाम यात्रा के लिए साइबर सुरक्षा
Char Dham Yatra को सुरक्षित बनाने के लिए साइबर सेल भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
पुलिस ने:
- 200 से अधिक फर्जी चारधाम यात्रा लिंक ब्लॉक किए
- ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ाई
अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए लगातार डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है।
जनता से सहयोग की अपील
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार चल रहे ऐसे अभियान अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत करते हैं। “ऑपरेशन प्रहार” को अब उत्तराखण्ड में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।









