Ghaziabad Development Authority (GDA) की 172वीं बोर्ड बैठक प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें शहर के भविष्य से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता Bhanu Chandra Goswami ने की।
इस दौरान Nand Kishore Kalal, वित्त नियंत्रक ए.के. वाजपेई, सचिव विवेक कुमार मिश्रा, बोर्ड सदस्य पवन गोयल और केशव त्यागी सहित कई अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें एरोसिटी परियोजना, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हरनंदीपुरम आवासीय योजना, हाईटेक टाउनशिप, अग्नि सुरक्षा और आधुनिक शहरी विकास से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे।
एरोसिटी परियोजना बनी सबसे बड़ा आकर्षण
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव Raj Nagar Extension के निकट विकसित होने वाली “एरोसिटी” परियोजना रही।
बोर्ड ने ग्राम मोरटा, अटौर और मेवला अगरी क्षेत्र की लगभग 200.2515 हेक्टेयर भूमि पर एरोसिटी एवं सुनियोजित शहरी विकास परियोजना को मंजूरी दी। परियोजना के लिए:
- लैंड पूलिंग
- आपसी सहमति से भूमि खरीद
- अधिनियम के माध्यम से भूमि अर्जन
जैसे तीन मॉडल स्वीकृत किए गए।
GDA अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना गाजियाबाद के विकास की “गेम चेंजर” साबित हो सकती है। इसमें:
- आधुनिक आवासीय सेक्टर
- कॉर्पोरेट हब
- होटल
- कन्वेंशन सेंटर
- स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर
- विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
परियोजना के लिए लगभग 2813 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को भी मिली स्वीकृति
Uttar Pradesh Cricket Association (UPCA) और GDA के संयुक्त उपक्रम के तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
यह स्टेडियम केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके आसपास:
- होटल
- कमर्शियल कॉम्प्लेक्स
- स्पोर्ट्स इकोसिस्टम
- आधुनिक शहरी सुविधाएं
भी विकसित की जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना गाजियाबाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिला सकती है। परियोजना में GDA और UPCA की 50-50 प्रतिशत भागीदारी तय की गई है।
हरनंदीपुरम आवासीय योजना के दूसरे चरण को मंजूरी
बैठक में “हरनंदीपुरम आवासीय योजना” के दूसरे चरण को भी स्वीकृति दी गई।
इसके तहत ग्राम भावापुर, मोरटा और शाहपुर निज-मोरटा की लगभग 125.2874 हेक्टेयर भूमि खरीदने के लिए करीब 2179.50 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
योजना में:
- चौड़ी सड़कें
- हरित क्षेत्र
- स्मार्ट सीवरेज सिस्टम
- पार्क
- स्वास्थ्य सुविधाएं
- शिक्षा संस्थान
जैसी आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हाईराइज इमारतों के लिए अग्नि सुरक्षा मजबूत होगी
तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए अग्नि सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
ये प्लेटफॉर्म लगभग 102 मीटर ऊंचाई तक राहत एवं बचाव कार्य करने में सक्षम होंगे। इसके लिए GDA पहले ही 100 करोड़ रुपये की धनराशि अग्निशमन विभाग को उपलब्ध करा चुका है।
हाईटेक टाउनशिप और अन्य परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में विभिन्न हाईटेक और इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
Web City परियोजना की धीमी प्रगति पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा:
- मधुबन बापूधाम योजना में संशोधन
- इंदिरापुरम शक्ति खंड-2 के व्यावसायिक भूखंड का ग्रुप हाउसिंग में परिवर्तन
- “सन सिटी” हाईटेक टाउनशिप की संशोधित DPR
को भी मंजूरी दी गई।
गाजियाबाद को आधुनिक शहर बनाने की तैयारी
GDA ने स्पष्ट किया कि गाजियाबाद को आधुनिक, सुरक्षित और निवेश-अनुकूल शहर बनाने के लिए सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के लागू होने के बाद गाजियाबाद आने वाले वर्षों में NCR के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल हो सकता है।







