गाजियाबाद के Indirapuram इलाके में नगर निगम की कथित लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अभयखंड-1 स्थित एचआईजी फ्लैट में रहने वाली 70 वर्षीय सीता देवी शनिवार सुबह घर के बाहर खोदे गए खुले नाले में गिर गईं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक नाले में फंसी रहीं।
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया। हादसे में बुजुर्ग महिला के हाथ, पैर, कमर और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं।
मंदिर जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की है। सीता देवी रोज की तरह घर से मंदिर में पूजा के लिए निकल रही थीं। उसी दौरान घर के बाहर उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खुले नाले में जा गिरीं।
बताया जा रहा है कि नगर निगम की ओर से इलाके में सीसी नाला निर्माण का कार्य चल रहा था। करीब 15 दिन पहले यहां खोदाई की गई थी और घर के सामने बना रैंप भी तोड़ दिया गया था।
परिजनों का आरोप है कि:
- नाले को खुला छोड़ दिया गया,
- कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई,
- और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे।
आधे घंटे तक नाले में फंसी रहीं बुजुर्ग
नाले में गिरने के बाद सीता देवी ने मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई। उनकी चीख सुनकर बहू स्वाती और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।
लेकिन नाला काफी गहरा होने के कारण उन्हें बाहर निकालना आसान नहीं था। लोगों ने पहले हाथ पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद पड़ोसियों ने:
- बांस की सीढ़ी मंगवाई,
- और काफी प्रयासों के बाद बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।
पूरे रेस्क्यू में लगभग आधे घंटे का समय लग गया।
हाथ, पैर और कंधे में गंभीर चोट
हादसे के बाद परिवार तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों के अनुसार:
- हाथ,
- पैर,
- कमर,
- और कंधे
में गंभीर चोटें आई हैं।
डॉक्टरों ने कंधे में फ्रैक्चर की आशंका जताते हुए एक्स-रे कराने की सलाह दी है। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगी
इलाके के लोगों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार:
- कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था,
- लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए,
- खुले गड्ढे और नाले लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पड़ोसी मदद के लिए नहीं पहुंचते तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि रिहायशी इलाकों में निर्माण कार्य के दौरान:
- बैरिकेडिंग,
- चेतावनी बोर्ड,
- और सुरक्षित मार्ग
बनाना बेहद जरूरी होता है।
खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए खुले गड्ढे और नाले बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
इंदिरापुरम की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- खुले नालों को तुरंत ढका जाए,
- निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,
- और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फिलहाल सीता देवी का इलाज जारी है और परिवार उनकी जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहा है।






