केदारनाथ यात्रा 2026 के सफल और सुव्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में Vishal Mishra और Niharika Tomar ने यात्रा व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और यातायात प्रबंधन को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की।
5 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुई केदारनाथ यात्रा में अब तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं, जिससे यात्रा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को ओपीडी और इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया गया है। इसके अलावा 51,939 यात्रियों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। अब तक हेली रेस्क्यू के माध्यम से 26 श्रद्धालुओं और दंडी-कंडी सेवा के जरिए 70 यात्रियों को सुरक्षित निकालकर उच्च चिकित्सालयों तक पहुंचाया गया है।
यात्रा मार्ग पर स्वच्छता अभियान
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत और Sulabh International द्वारा यात्रा मार्ग पर लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
पैदल यात्रा मार्ग पर 412 पर्यावरण मित्र और 30 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए 350 से अधिक शौचालय और 600 से अधिक डस्टबिन लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण और रीसाइक्लिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। कॉम्पैक्टर मशीनों की सहायता से अब तक 64 टन से अधिक ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए भेजा जा चुका है।
हेली सेवा और आवासीय सुविधाएं
हेली सेवाओं के बारे में जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम खराब होने की स्थिति में हेली सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है और मौसम अनुकूल होने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू किया जाता है।
अब तक 18,840 से अधिक श्रद्धालु हेली सेवा के माध्यम से बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंच चुके हैं।
उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त आवासीय व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, संचार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सख्त
यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से लगातार चेकिंग अभियान चला रहे हैं। अप्रैल माह में नियमों का उल्लंघन करने वाले 409 वाहनों के चालान किए गए, जिनसे 11.03 लाख रुपये प्रशमन शुल्क वसूला गया।
यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, फायर सर्विस, State Disaster Response Force और National Disaster Response Force की टीमें तैनात की गई हैं।
खोया-पाया केंद्रों से मिली राहत
पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए यात्रियों के सामान और बैगों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री यात्रा में न लाई जा सके।
उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा 7 खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी मदद से अब तक 180 श्रद्धालुओं को उनके बिछड़े परिजनों से मिलाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 5 खोए हुए मोबाइल फोन और 60 पर्स व बैग भी यात्रियों को वापस लौटाए गए हैं।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार सक्रिय रहकर यात्रियों को आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान कर रही हैं।
श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा का भरोसा
प्रेस वार्ता के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी विभाग समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं ताकि बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।








